पुरुष भी बनें अष्टभुजाधारी...नवभारत पावरफुल वुमन अवॉर्ड्स में एक्ट्रेस गिरीजा ओक ने कही बड़ी बात

Navabharat Powerful Woman Awards 2026: 'नवभारत पावरफुल वुमन अवॉर्ड्स-2026' में अभिनेत्री गिरिजा ओक का जलवा। शाहरुख खान के साथ बातचीत से लेकर अपनी बायोपिक की इच्छा तक, नागपुर में रखे बेबाक विचार।
Actress Girija Oak shares her thoughts at Navabharat Powerful Woman Awards 2026 in Nagpur. Discusses her Nagpur connection, Shah Rukh Khan, and biopics.
'नवभारत पावरफुल वुमन अवॉर्ड्स-2026 में बॉलीवुड एक्ट्रेस गिरिजा ओक (सौजन्य-नवभारत)
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Girija Oak Nagpur: बॉलीवुड अभिनेत्री गिरिजा ओक ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में काम करते हुए हर आर्टिस्ट का एक 'ड्रीम रोल' होता है लेकिन मेरा कभी ड्रीम रोल का कोई 'गोल' नहीं रहा और न ही आगे रहेगा, ताकि मैं हमेशा आगे बढ़ती रहूं। ड्रीम रोल कर मुझे थमना नहीं है, बल्कि मैं चाहती हूं कि मेरे पास रोज नए-नए रोल आएं। मुझे आगे बढ़ना और नए-नए काम करना काफी पसंद है।

वे शनिवार को रामदासपेठ स्थित होटल सेंटर पॉइंट में आयोजित 'नवभारत पावरफुल वुमन अवॉर्ड्स-2026' के दौरान अपने विचार रख रही थीं। उन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को अवार्ड से सम्मानित करते हुए उनके प्रश्नों के बिंदास तरीके से उत्तर दिये।

हर दिन होना चाहिए महिलाओं का सम्मान

उन्होंने नागपुर कनेक्शन के बारे में पूछने पर कहा कि छोटा बच्चा अपनी मां के पास ही सबसे अधिक चिड़चिड़ करता है। बच्चे को लगता है कि उसने कुछ भी किया तो भी उसकी मां उसे छोड़कर कहीं नहीं जाने वाली है। मैं यहीं पैदा हुई हूं और यह जमीन ही मेरी मां है। यही नागपुर से मेरा कनेक्शन है। यहां की जमीन को मैं अपनी मां समझती हूं। आज महिलाएं अपनी कामयाबियों से नए-नए रास्ते बना रही हैं। उनके लिए नए रास्ते खुल रहे हैं।

आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं होगा, जहां महिलाओं ने आगे बढ़कर अपना परचम न लहराया हो लेकिन आज भी घर में उन्हीं से पूछा जाता है कि सब्जी क्या बनानी है क्योंकि वे अष्टभुजा का रूप हैं। वे बाहर के साथ-साथ घर के काम भी बड़े अच्छे तरीके से करती हैं। उन्होंने कहा कि हम एक दिन महिला दिवस मनाकर महिलाओं का सम्मान करते हैं, लेकिन उनका सम्मान एक ही दिन करने से कोई अर्थ नहीं है।

उन्होंने राय दी कि महिलाओं का सम्मान हर दिन होना चाहिए। गिरिजा ने इस बात पर भी एतराज जताया कि मातृत्व महिलाओं को पूर्णता देता है लेकिन जब एक महिला मां नहीं बन सकी, तो उसकी कामयाबियों को कम नहीं आंका जाना चाहिए। उसे पूरा सम्मान दिया जाना चाहिए। रिटायरमेंट के सवाल पर गिरिजा ने पक्का जवाब दिया कि 'इस फील्ड में कोई रिटायरमेंट नहीं होता'।

शाहरुख के साथ रोमांस के बजाय फैमिली की चर्चा

कभी मेरा मन करता था कि बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान के साथ फोटो खिंचवाऊं, गाना गाऊं, स्लो मोशन में दुपट्टा लहराऊं। मैं भी ऐसे सपने कभी-कभी देखती थी लेकिन अब वह उम्र निकल गई है। शाहरुख और मैं एक शूट के लिए साथ थे। वह नाइट शिफ्ट का शूट था। इस दौरान भी शाहरुख और हमारे बीच में किसी रोमांटिक टॉपिक के बजाय अपने परिवार और एक-दूसरे के बच्चों के बारे में बात हुई। ओक ने कहा कि भले ही हम दो या तीन शिफ्ट में काम करते हैं, लेकिन हमें भी आम लोगों की तरह घर की याद आती है। उन्होंने कहा कि शाहरुख खान बहुत अच्छे इंसान हैं। वे सभी का ख्याल रखते हैं।

मुझ पर भी बने बायोपिक

बायोपिक फिल्म के जवाब में गिरिजा कहती हैं कि किसी की बायोपिक में काम करना पसंद या नापसंद करने जैसी कोई बात नहीं है। मुझे अपने चुने हुए फील्ड में काम करना है लेकिन मैं किसी के बायोपिक में काम करने से ज्यादा चाहूंगी कि मुझ पर बायोपिक बने। गिरिजा ने कहा कि वह दिल से चाहती हैं कि मुझ पर बायोपिक बने, चाहे मैं जिंदा रहूं या जाने के बाद भी।

महिलाओं का अपमान नहीं होना चाहिए

आप पर्दे पर दिखाई जा रहीं कलाकृतियों और असलियत में मौजूद कड़वी सच्चाई को कैसे देखती हैं, के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ टॉपिक को लेकर पहले ही काफी बहस हो चुकी है लेकिन हम जैसे आर्टिस्ट आग भड़काना नहीं चाहते, बल्कि उसे शांत करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने कहा कि इसी तरह के आर्ट वर्क बनाए जाने चाहिए। बहुत सी ऐसी बातें होती हैं जिनके बारे में समाज या लोगों को पता ही न चले तो अच्छा होगा। अगर पता चलता है, तो फालतू में हंगामा होता है। इसलिए फिल्में बनाते समय भी भड़काऊ टॉपिक से बचना चाहिए। गिरिजा ओक ने यह भी कहा कि फिल्मों में महिलाओं का अपमान न दिखाना जरूरी है।

जरूरी है कंटेंट वैल्यू देखना

कला की आजादी के तहत फिल्मों में कई असली और नकली चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता है। इसलिए मैं कहानी और उसके पीछे प्रोड्यूसर की भूमिका को देखकर फिल्म चुनने को प्राथमिकता देती हूं। मुझे ऐसे रोल पसंद नहीं हैं जो अपमान को बढ़ावा देते हों। मैं अपने रोल की कंटेंट वैल्यू को जरूर देखती हूं कि उसका किसी पर कितना प्रभाव पड़ता है। इसे लेकर उन्होंने एक कहानी सुनाई।

मेरी फिल्म देखकर एक आत्महत्या करने का इरादा रखने वाले नौजवान को हिम्मत मिली और उसने हमेशा के लिए आत्महत्या का ख्याल छोड़ दिया और लड़ना पसंद किया। तब हमें हमारे काम की ताकत और लोगों के मन पर पड़ने वाले असर का एहसास हुआ। इसलिए हमें अपना काम करते रहना चाहिए। अच्छे काम को सही समय पर पहचान मिलती है। गिरिजा ने कहा कि मुझे भौतिक सुख की इच्छा नहीं है। मेरा लक्ष्य अपने काम के जरिए लोगों की संवेदनशीलता को जगाना और उनके जीवन में अच्छे बदलाव लाना है।

इनका मिला सहयोग

कार्यक्रम के पावर्ड बाय रोकड़े ज्वेलर्स, को पावर्ड बाय वाघमारे मसाले और गिफ्टिंग पार्टनर स्कीनवेस्ट रहे। वहीं साड़ी निकेतन, सेंट्रल प्रोविंशियल स्कूल, शुभ आरंभ रियल एस्टेट, ऑरेंज प्रीमियम आटा एंड मैदा, श्री निवास आयुर्वेदा, प्रोजोन पाम्स व कमिन्स कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर वुमैन का सहयोग प्राप्त हुआ।

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