Pranayama Benefits: सांसों पर ध्यान देकर दूर करें तनाव, दिनभर रहेंगे खुश और एनर्जेटिक
Breathing Exercise: खुश रहना जीवन का अनमोल उपहार है। जीवन में खुश रहना, फुल ऑफ एनर्जी, शांत और खुशी महसूस करना चाहिए। आज की भागदौड़ में अनहेल्दी जीवनशैली मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है।
- Written By: रीता राय सागर
प्रणायाम (फोटो.सोशल मीडिया)
Pranayama For Happiness: प्राणायाम एक नेचुरल और असरदार उपाय है, जो मन और तन के बीच संतुलन बनाता है। प्राणायाम सांसों पर नियंत्रण पाने का एक तरीका है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है।
प्राणायाम योग की वह विधि है, जिसमें श्वास को कंट्रोल और रेगुलर किया जाता है। यह मन को शांत करने, एकाग्रता बढ़ाने और आंतरिक संतुलन लाने में मदद करता है। माना जाता है कि रेगुलर प्राणायाम करने से व्यक्ति वर्तमान क्षण में जीना सीखता है और अपने अंदर ही आनंद का अनुभव करता है। कुछ स्पेशल प्राणायाम ऐसे हैं, जिन्हें मानसिक शांति और इमोशनल खुशहाली बढ़ाने के लिए काफी अच्छा माना जाता है।
अनुलोम-विलोम प्राणायाम
अनुलोम-विलोम श्वास की सबसे अच्छी तकनीक है। इसे वैकल्पिक नासिका श्वास भी कहा जाता है। यह शरीर की ऊर्जा को संतुलित करने और मानसिक बेचैनी को कम करने में मदद करता है। इसके निरंतर अभ्यास से तनाव कम होता है, फोकस बढ़ता है और इमोशन को कंट्रोल किया जा सकता है। अनुलोम-विलोम मन में सकारात्मकता और शांति का भाव पैदा करता है, जिससे आपको दिनभर खुशी महसूस होती है।
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अनुलोम विलोम (फोटो.सोशल मीडिया)
भ्रामरी प्राणायाम
भ्रामरी प्राणायाम को ‘हमिंग बी ब्रीद’ यानी मधुमक्खी की गूंज जैसी ध्वनि वाला प्राणायाम भी कहा जाता है। इसमें श्वास छोड़ते समय हल्की गुनगुनाहट की ध्वनि निकाली जाती है। इससे उत्पन्न होने वाले कंपन का प्रभाव मेंटल और इमोशनल स्ट्रेस को कम कर सकता है। भ्रामरी मन को शांत करता है, चिंता मुक्त करता है और चिड़चिड़ापन को कम करता है। इस प्राणायाम के रोजाना अभ्यास करने से मन शांत, संतुष्ट और प्रसन्न महसूस करता है।
भ्रामरी प्रणायाम (फोटो.सोशल मीडिया)
उज्जायी प्राणायाम
उज्जायी प्राणायाम को अक्सर विजयी श्वास भी कहते हैं। इसमें गले से हल्की ध्वनि उत्पन्न करते हुए धीमी और नियंत्रित श्वास ली और छोड़ी जाती है।
इसे करने से शरीर में ऑक्सीजन बढ़ती है। साथ ही यह एकाग्रता सुधारने और मानसिक शांति देने में मददगार है। उज्जायी प्राणायाम इमोशनल बैलेंस बनाए रखने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करता है। इससे मन शांत रहता है और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।
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शीतली प्रणायाम (फोटो.सोशल मीडिया)
शीतली प्रणायाम
शीतली प्राणायाम शरीर को कूल करने की यौगिक तकनीक है, इसे कूलिंग ब्रीद यानी शीतलता देने वाली श्वास तकनीक भी कहते है। यह विशेष रूप से तनाव या क्रोध की स्थिति में लाभकारी माना जाता है। इससे इमोशनल स्ट्रेस कम हो सकता है और मन ज्यादा शांत व स्थिर महसूस करता है। इससे आप हल्का और खुश महसूस कर सकते है।
प्राणायाम योग की एक अमूल्य देन है, जो मन में शांति और खुशी देता है। इन प्राणायाम को रेगुलर करने से तनाव कम होता है, मन शांत रहता है और जीवन ज्यादा खुशहाल होता है।
