
नेचर के बीच सुकून महसूस करते ट्रैवलर (सौ. एआई)
Importance of Tourism: भारत की विविधता और खूबसूरती का जश्न मनाने के लिए हर साल 25 जनवरी को नेशनल टूरिज्म डे मनाया जाता है। अक्सर लोग ट्रिप तो प्लान करते हैं लेकिन पैकिंग और समय के प्रबंधन में उलझकर तनाव पाल लेते हैं। ट्रैवलिंग को बोझ नहीं बल्कि एक खुशनुमा लाइफस्टाइल बनाने के लिए कुछ बदलाव जरूरी हैं।
टूरिज्म अब केवल फोटो खींचने तक सीमित नहीं रह गया है यह एक लाइफस्टाइल बन चुका है जिसे एक्सपेरिमेंटल ट्रैवल कहा जाता है। साल 2026 की थीम भी इसी ओर इशारा करती है कि कैसे हम पर्यटन को अपनी पहचान और जीवन का हिस्सा बना सकते हैं।
एक अच्छी ट्रिप की शुरुआत सही बैग से होती है। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स का मानना है कि कैप्सूल वार्डरोब (कम कपड़ों में ज्यादा लुक) अपनाकर आप भारी बोझ से बच सकते हैं और सफर का लुत्फ उठा सकते हैं।
टूरिज्म डे का असल उद्देश्य स्थानीय लोगों की आजीविका को बढ़ावा देना है। फाइव स्टार होटलों के बजाय स्थानीय होमस्टे चुनें। वहां के लोगों के साथ खाना खाएं उनकी भाषा के कुछ शब्द सीखें। यह अनुभव आपको किसी गाइड बुक में नहीं मिलेगा।
यह भी पढ़ें:- Lack of Sleep: थकी हुई आंखें और गिरते बाल, कहीं आपकी खराब नींद तो नहीं इसकी वजह?
टूरिज्म दिवस (सौ. फ्रीपिक)
घूमने के साथ-साथ पर्यावरण का ध्यान रखना भी अब एक मॉडर्न लाइफस्टाइल है। अपनी बोतल साथ रखें प्लास्टिक का कम उपयोग करें और वहां की शांति भंग न करें।
2026 में खुद की तलाश में अकेले निकलना सबसे ज्यादा पसंद किया जा रहा है। यह आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और आपको दुनिया को नए नजरिए से देखने का मौका देता है। घूमने के लिए अकेले समय निकालें और प्रकृति को करीब से महसूस करें।
तनाव का एक बड़ा कारण खर्चा भी होता है। स्मार्ट ट्रैवलर हमेशा ऑफ-सीजन में घूमने का प्लान बनाते हैं जिससे न केवल भीड़ कम मिलती है बल्कि फ्लाइट और होटल्स भी 40-50% सस्ते मिल जाते हैं।
नेशनल टूरिज्म डे पर खुद से वादा करें कि आप एक जिम्मेदार पर्यटक बनेंगे। कचरा न फैलाएं और स्थानीय परंपराओं का सम्मान करें। याद रखें सफर का मजा मंजिल से ज्यादा रास्तों और अनुभवों में छिपा होता है।






