पूरे शरीर को बनाएं लचीला और मजबूत, आज़माएं एरियल योग का नया तरीका, योग से कितना है अलग

Aerial Yoga: यह पारंपरिक योग से बिल्कुल अलग योग है जिसे एंटी-ग्रैविटी योग या फ्लाइंग योग भी कहा जाता है। इस योग का अभ्यास करने के दौरान सिल्क या फैब्रिक से बने हैमॉक का उपयोग किया जा सकता है।
जानिए एरियल योग करने के फायदे
जानिए एरियल योग करने के फायदे (सौ.सोशल मीडिया)
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Benefits of Aerial Yoga: सेहत को बेहतर रखने के लिए योग और व्यायाम सबसे बेहतर विकल्प होते है। अगर हम हेल्दी डाइट के साथ कुछ देर की एक्सरसाइज करते है तो आपकी सेहत तो इसके कई सारे फायदे मिलते है। हम पारंपरिक योग तो करते है लेकिन क्या आपने कभी एरियल योग के बारे में सुना है। शरीर के सभी अंगों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए यह किस प्रकार से फायदेमंद है इसके बारे में बताया गया है। हाल ही में एक्ट्रेस मनीषा कोइराला ने सोशल मीडिया पर एरियल योग के बारे में जानकारी दी है।

क्या होता है एरियल योग

यह पारंपरिक योग से बिल्कुल अलग योग है जिसे एंटी-ग्रैविटी योग या फ्लाइंग योग भी कहा जाता है। इस योग का अभ्यास करने के दौरान सिल्क या फैब्रिक से बने हैमॉक का उपयोग किया जाता है, जो छत से लटका होता है। यह योग, पिलाटेस और एरियल एक्रोबेटिक्स का पूरा मेल होता है। इसे क्या हम घर में कर सकते है। इस सवाल का जवाब देते हुए एक्सपर्ट बताते है कि, एरियल योग का अभ्यास स्टूडियो में प्रशिक्षित इंस्ट्रक्टर की देखरेख में करना चाहिए, लेकिन घर पर भी बेसिक स्तर पर शुरू किया जा सकता है।

जानिए एरियल योग करने के फायदे

यहां पर एरियल योग करने के कई फायदे सामने आते है। इसके अलावा यह योग किस तरह किया जा सकता है इसके बारे में जानते है।

बेसिक स्टेप्स पर नजर डालें तो हैमॉक के पीछे खड़े होकर पहले पैर अंदर डालें। फिर धीरे-धीरे शरीर को झुलाएं। शुरुआत में सिटिंग पोज (जैसे चेयर आसन) से शुरू करें और हैमॉक पर बैठकर पैरों को फैलाएं। फिर इनवर्शन (उल्टा लटकना) ट्राई करें। कमर पर फैब्रिक लपेटकर सिर नीचे करें, हाथों से पकड़ें। 5-10 गहरी सांसों तक होल्ड करें।

हाथ-पैरों की मांसपेशियां होती है मजबूत

एरियल योग के अभ्यास से कई लाभ मिलते हैं, हालांकि एक्सपर्ट गर्भवती महिलाओं और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को सावधानी के साथ या देखरेख में करने की सलाह देते हैं।एरियल योग पूरे शरीर को मजबूत बनाता है। कोर, हाथ-पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। रीढ़ की हड्डी का डीकंप्रेशन जो पीठ दर्द कम करता है, लचीलापन बढ़ता है। तनाव, चिंता और डिप्रेशन में कमी आती है, नींद बेहतर होती है।

आईएएनएस के अनुसार

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