
किस डे 2024 ( डिजाइन फोटो)
सीमा कुमारी
नवभारत डिजिटल टीम : वैलेंटाइन वीक (Valentine Week) का छठा दिन यानी ‘किस डे’ (Kiss Day) हर साल 13 फरवरी को मनाया जाता है। किस डे वैलेंटाइन वीक का सबसे आखिरी दिन होता है। इसके बाद का दिन वैलेंटाइन डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। किस डे वैलेंटाइन वीक का सबसे रोमांटिक दिन माना जाता है। प्यार करने वाले प्रेमी और प्रेमिका इसका इंतजार साल भर से करते हैं।
वैसे तो, चुंबन या किस अपने भाई बहन माता पिता सहित अपने जीवन में विशेष जगह रखने वाले किसी भी व्यक्ति को किया जा सकता लेकिन चूंकि किड डे वेलेंटाइन वीक में पड़ता है इसलिए दो प्यार करने वालों के लिए किस डे (Kiss Day) की अहमियत अन्य लोगों से ज्यादा होती है। लेकिन, क्या आप जानते है
कि किसिंग या चूमना सिर्फ पार्टनर के बीच का ही भाव नहीं है, बल्कि एक मां और उसके बच्चे के बीच का भाव भी हो सकता है। मगर इस अंतर से किसिंग से मिलने वाले फायदों में बहुत ज्यादा फर्क पैदा नहीं होता। आइए बिना देर किए किस करने के फायदे जान लें।
आपको जानकर हैरानी होगी कि किस करने से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी मजबूत होती है। इस शोध के मुताबिक, माउथ टू माउथ किस करने से दोनों पार्टनर्स का स्लाइवा एक-दूसरे में ट्रांसफर करता है। इस स्लाइवा में कुछ नये कीटाणुओं की हल्की मात्रा हो सकती है। जिसके संपर्क में आने पर आपका इम्यून सिस्टम उसके खिलाफ एंटीबॉडी बनानी शुरू कर देता है और भविष्य में आपके उस कीटाणु से बीमार होने का खतरा कम कर देता है।
आपको बता दें कि किस करने से पुरुषों की उम्र भी लंबी हो सकती है। इससे जुड़ी भी रिसर्च सामने आई है जो इस बात को बताती है कि यदि पार्टनर एक बार किस करते हैं तो जो लोग किस नहीं करते हैं उनकी तुलना में किस करने वालों की उम्र 5 साल तक बढ़ सकती है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि किस करने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल भी नियंत्रित रखा जा सकता है। किस करते वक्त दिल की धड़कन तेज होती हैं, जिससे न केवल ब्लड प्रेशर कम हो सकता है बल्कि कई अध्ययन यह भी बताते हैं कि किस करने से कॉटोर्सिल नाम स्ट्रेस हार्मोन न लेवल में कमी आती है, जिससे खराब कोलेस्ट्रॉल भी कम हो सकता है।
एक अध्ययन के मुताबिक, यदि व्यक्ति लंबे समय तक किस करता है तो इससे तनाव का स्तर कम हो सकता है ।इसके अलावा, किस करने से दांत भी स्वस्थ रह सकते हैं किस करने के मुताबिक मुंह में लार अधिक बनता है जिससे मुंह में एसिडिटी कम होती है। साथ ही दांतों में सड़न की समस्या भी दूर हो सकती है।






