तालिबान का पाकिस्तान पर 'मेडिकल स्ट्राइक', दवाओं के आयात पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध, अब भारत बनेगा सहारा!

Pakistan Medicine Ban Taliban: अफगानिस्तान ने पाकिस्तान से आने वाली दवाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। भारी किल्लत के बीच तालिबान ने अब सप्लाई के लिए भारत, ईरान और तुर्की की ओर हाथ बढ़ाया है।
Taliban strikes against Pakistan: Imposes complete ban on medicine imports; will India now become the savior?
तालिबान ने पाकिस्तान दवा पर प्रतिबंध लगाया, फोटो (सो. सोशल मीडिया)
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Taliban Bans Pakistan Medicine: अफगानिस्तान में सत्ता पर काबिज तालिबान सरकार ने पाकिस्तान को एक गंभीर आर्थिक और कूटनीतिक झटका देते हुए बड़ा फैसला लिया है। तालिबान के वित्त मंत्रालय ने पाकिस्तान से दवाओं के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। इस निर्णय के बाद अब अफगानिस्तान में पाकिस्तानी दवाओं की आपूर्ति पूरी तरह बंद हो जाएगी जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।

इसके साथ ही तालिबान प्रशासन ने अफगान व्यापारियों और आयातकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं कि वे भविष्य में पाकिस्तान पर निर्भर रहने के बजाय अन्य वैकल्पिक देशों और व्यापारिक मार्गों की तलाश करें।

सोमवार से प्रभावी हुआ फैसला, स्मगलिंग पर भी रोक

वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल कयूम नासिर के अनुसार, यह प्रतिबंध सोमवार (9 फरवरी 2026) से प्रभावी हो गया है। तालिबान प्रशासन ने न केवल आधिकारिक व्यापार बल्कि अवैध रास्तों से आने वाले सामान पर भी पूरी तरह रोक लगाने का फैसला किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा और पकड़ी गई दवाओं को नष्ट कर दिया जाएगा। इससे पहले व्यापारियों को अपना पुराना लेनदेन निपटाने के लिए 19 दिनों का समय दिया गया था।

क्यों बिगड़े रिश्ते?

पिछले कई महीनों से पाकिस्तान और तालिबान के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव चरम पर है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और तालिबान लड़ाकों के बीच सीमा पर लगातार झड़पें हो रही हैं जिसके कारण मुख्य ट्रांजिट रूट और बॉर्डर क्रॉसिंग पिछले सितंबर से ही ज्यादातर बंद हैं। इसी तनाव के चलते तालिबान के उप प्रधानमंत्री अब्दुल गनी बरादर ने पहले ही व्यापारियों से पाकिस्तान के साथ व्यापारिक रिश्ते खत्म करने का आग्रह किया था।

भारत की ओर टिकीं निगाहें

अफगानिस्तान के लिए यह फैसला एक बड़ा जोखिम भी है क्योंकि वहां की 70 प्रतिशत से अधिक दवाएं पाकिस्तान से आती थीं। वर्तमान में काबुल और हेरात जैसे बड़े शहरों में दवाओं की भारी किल्लत हो गई है और कीमतें आसमान छू रही हैं।

इस कमी को पूरा करने के लिए तालिबान के अधिकारी हाल ही में भारत, ईरान और तुर्की के दौरे पर गए थे। तालिबान अब भारत जैसे भरोसेमंद देशों से फार्मास्यूटिकल आयात के लिए नए रास्ते खोलना चाहता है जो भारत के लिए मानवीय और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने का एक बड़ा अवसर है।

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