
झारखंड में पकड़ा गया फर्जी आईपीएस।
Fake IAS officer: झारखंड के पलामू में हुसैनाबाद थाना क्षेत्र में खुद को IPS अधिकारी बताकर लोगों को गुमराह करने वाले युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हैदरनगर इलाका अंतर्गत कुकही गांव निवासी राजेश कुमार (35) शुक्रवार शाम हुसैनाबाद थाना पहुंचा था। वह एक रिश्तेदार के जमीन विवाद में पैरवी कराने आया था।
राजेश ने थाना प्रभारी को बताया कि वह 2014 बैच का ओडिशा कैडर का आईएएस अधिकारी है। वर्तमान में भुवनेश्वर के खरवेला नगर में सीएओ (मुख्य लेखा अधिकारी) पद पर कार्यरत है। उसने बातचीत के दौरान देहरादून, हैदराबाद और भुवनेश्वर में ड्यूटी करने का भी दावा किया।
अलग-अलग राज्यों में पदस्थापन की बात पर थाना प्रभारी को उस पर शक हुआ। जब सवाल किया गया तो उसने अपना बयान बदलते हुए खुद को IPTAFS अधिकारी बताया। यह भी कहा कि यह सेवा यूपीएससी द्वारा चयनित होती है। साथ ही आईएएस के समकक्ष होती है। इसके बाद वह थाने से निकल गया। थाना प्रभारी ने उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी एसडीपीओ को दी। प्रारंभिक जांच, उसके गांव के लोगों से पूछताछ और दस्तावेजी सत्यापन में स्पष्ट हुआ कि राजेश कुमार किसी भी सरकारी सेवा में नहीं है। इसके बाद उसे थाना बुलाकर पूछताछ हुई।
वह पूछताछ के दौरान न तो कोई नियुक्ति पत्र, पहचान पत्र और न ही विभागीय दस्तावेज प्रस्तुत कर सका। उसने माना कि वह कोई अधिकारी नहीं है। एसडीपीओ मो. एस याकूब ने बताया कि आरोपी राजेश के पिता का सपना था कि वह आईएएस अधिकारी बने। उसने 4 बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन असफल रहा।
उसने परिवार और रिश्तेदारों से झूठ बोलकर खुद को IPTAFS अधिकारी बताना शुरू कर दिया। पिछले 7 वर्षों से फर्जी अधिकारी बनकर घूम रहा था। तलाशी के दौरान उससे फर्जी सरकारी आईडी कार्ड, मोबाइल, चाणक्य आईएएस अकादमी का आईडी, लाइब्रेरी कार्ड और उसकी हुंडई एरा कार से भारत सरकार के नाम का फर्जी नीला नेम बोर्ड बरामद किया गया। सभी सामानों को जब्त कर हुसैनाबाद थाना में मामला दर्ज करते हुए अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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उत्तर प्रदेश के मऊ से भी एक मामला सामने आया है। पुलिस ने फर्जी सीओ बनकर घूम रहे शख्स को दबोचा। प्रभात पांडे खाकी वर्दी पहनकर लोगों पर रौब झाड़ता था। वह एसीपी लिखी कार में चलता था। वह पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है।






