पुणे से पकड़ा गया फर्जी IPS, पुणे पुलिस आयुक्तालय में डीसीपी ने ऐसे खोली पोल

Pune News: पुणे पुलिस आयुक्तालय में फर्जी आईपीएस बनकर घुसा नवी मुंबई निवासी सागर वाघमोडे पकड़ा गया। उपायुक्त ने पहचानकर रंगेहाथ पकड़ा, पुलिस ने हिरासत में लेकर जांच शुरू की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Pune Fake IPS Arrested: पुणे पुलिस विभाग में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जब पुणे पुलिस आयुक्तालय में एक फर्जी आईपीएस अधिकारी ने घुसपैठ की। इस मामले की शिकायत घोरपड़ी पेठ निवासी भाविक जितेंद्र शाह (37) ने दर्ज कराई है।

शिकायतकर्ता भाविक जितेंद्र शाह इवेंट मैनेजमेंट का व्यवसाय करते हैं। शाह पिछले तीन-चार वर्षों से आरोपी सागर वाघमोडे से परिचित थे, और इस दौरान वाघमोडे ने उनसे बार-बार यह दावा किया कि वह एक आईपीएस अधिकारी है।

ऐसे हुआ खुलासा

घटना 31 अक्टूबर की है, जब वाघमोडे ने शाह को फोन किया और उन्हें मेट्रो स्टेशन पर बुलाया। वाघमोडे ने शाह को बताया कि वह इनकम टैक्स कमिश्नर, डीसीपी भाजी भाकरे और एसीपी संगीता आल्फान्सो के परिचित हैं।

इसके बाद, वाघमोडे शाह को अपने साथ मनपा अतिरिक्त आयुक्त, एसीपी लष्कर और इनकम टैक्स कमिश्नर से मिलने ले गया। दोपहर करीब चार बजे, दोनों पुलिस आयुक्तालय पहुंचे। पार्किंग में वाघमोडे ने डीसीपी भाजी भाकरे से अपनी आईडी बताई और दावा किया कि परिमंडल एक के पुलिस उपायुक्त कृषीकेश रावले उसके बैचमेट हैं।

लेकिन तभी अचानक उपायुक्त ऋषिकेश रावले मौके पर आ गए। रावले ने वाघमोडे को तुरंत पहचान लिया और उन्हें शक हुआ कि वह फर्जी अधिकारी है। उपायुक्त रावले ने तुरंत इस फर्जी आईपीएस अधिकारी वाघमोडे की सूचना बंडगार्डन पुलिस को दी।

वरिष्ठ निरीक्षक के नेतृत्व में गिरफ्तारी

सूचना मिलते ही वरिष्ठ निरीक्षक संतोष पांढरे के नेतृत्व में पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने वाघमोडे को पुलिस आयुक्तालय से ही हिरासत में ले लिया। पुलिस ने फर्जी अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस चौंकाने वाली घटना के बाद पुणे पुलिस विभाग में खलबली मची हुई है। पुलिस महकमे में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है। यह घटना पुलिस महकमे में सुरक्षा और पहचान प्रणाली की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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