गैर-जिम्मेदाराना बातें न करें फारूक अबदुल्ला, आतंकी हमलों में एजेंसियों के शामिल होने के बयान पर भड़के BJP नेता

नेशनल कॉन्फ्रेस के अध्यक्ष फारूक अबदुल्ला ने बढ़ते आतंकवाद को देखते हुए कहा कि आतंकवादियों को जल्द-से-जल्द पकड़ने की जरूरत है ताकि इसके पीछे कौन है इस बात का पर्दाफाश हो सकें।
फारूक अबदुल्ला का बयान
फारूक अबदुल्ला (सौजन्य-एक्स)
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श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में कुछ दिन से लगातार आतंकवादी गतिविधियां देखी जा रही है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो इस बीच 3 आतंकवादी हमले भी हो चुके है। ये हमले शुक्रवार को बडगाम और बांदीपुरा में हुए उसके बाद आज श्रीनगर में भी देखने को मिले।

इन बढ़ती आतंकी घटनाओं में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूख अबदुल्ला को इसके पीछे कोई साजिश छुपी नजर आ रही है। जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा दिए जाने पर फारूक अब्दुल्ला ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अब इसे खत्म कर देना चाहिए।

नेशनल कॉन्फ्रेस के अध्यक्ष फारूक अबदुल्ला ने बढ़ते आतंकवाद को देखते हुए कहा कि आतंकवादियों को जल्द-से-जल्द पकड़ने की जरूरत है ताकि इसके पीछे कौन है इस बात का पर्दाफाश हो सकें। इससे ये भी पता चले कि ये हमले अभी और इसी समय क्यों हो रहे है और आखिर इसके पीछे कौन है।

भाजपा नेता कविंदर गुप्ता

भाजपा नेता कविंदर गुप्ता ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कहा, "एक जिम्मेदार व्यक्ति को इस तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए। एजेंसियों के काम के कारण जम्मू-कश्मीर में शांतिव्यवस्था बनी हुई है... सरकार है और सरकार का पूरा समर्थन है। किसी ने ये नहीं कहा कि उमर अब्दुल्ला की सरकार को अस्थिर किया जा रहा है... कई बार ऐसी कोशिशें बाहरी ताकतों द्वारा की जाती है... सुरक्षा बलों के कारण ही शून्य सहिष्णुता की नीति पर काम हो रहा है... यह बिल्कुल गलत बयानबाजी है। उन्हें (फारुक अब्दुल्ला) इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना बातें नहीं करनी चाहिए।"

सरकार को अस्थिर करने की कोशिश

फारूख अब्दुल्ला ने हाल ही में बडगाम में एक मजदूर पर हुए हमले के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच होना चाहिए। यहां सरकार बन चुकी है और इसके बाद भी ये सब हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे शक है कि कहीं ये वहीं लोग तो नहीं करा रहे है और सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे है।

ये हमले पहले क्यों बंद थे और अभी ही क्यों हो रहे है? इसके पीछे कोई एजेंसिया तो शामिल नहीं है जो उमर अब्दुल्ला सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है।

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