BMC का अब तक का सबसे बड़ा बजट आज, 80,000 करोड़ के पार जा सकता है आकार

BMC Budget 2026: एशिया की सबसे बड़ी महानगर पालिका BMC आज अपना वार्षिक बजट पेश करेगी। 80,000 करोड़ रुपये के संभावित बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर रहेगा।
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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Mumbai BMC budget 2026 Highlights: एशिया की सबसे बड़ी महानगर पालिका बीएमसी अपना वार्षिक बजट आज यानी बुधवार को प्रस्तुत करने वाली है। लगभग 4 वर्षों बाद नगरसेवकों का चुनाव हुआ है, ऐसे में मनपा आयुक्त स्टैंडिंग कमिटी (स्थायी समिति) को बजट प्रस्तुत करेंगे।

स्टैंडिंग कमिटी की मंजूरी के बाद बीएमसी आयुक्त बजट पेश करेंगे। इससे पहले बीएमसी का कामकाज प्रशासकीय व्यवस्था के तहत चल रहा था। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है और इसका आकार करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।

बजट में बड़े पैमाने पर पूंजीगत खर्च पर जोर दिए जाने की उम्मीद है। खास तौर पर तटीय सड़क परियोजना, गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, पुलों का निर्माण, सड़कें और कचरा प्रबंधन जैसी परियोजनाएं प्राथमिकता में रहेंगी।

बीते वित्तीय वर्ष में कई परियोजनाओं के लिए आवंटित राशि का पूरा उपयोग नहीं हो पाने को लेकर भी सवाल उठे थे। सड़क, पानी व टैक्स के अलावा पिछले वर्ष शहर के खुली जगहों पर जैसे पूर्वी एकप्रेस हाइवे, सर्विस रोड के बगल में बास के पेड़ लगाने की घोषणा की गई थी।

खेरवाडी मार्केट, नावलकर मार्केट, बोरीवली मार्केट, मीनाताई ठाकरे मार्केट के पुनर्निर्माण का कार्य भी अब तक अधूरा है। इसके अलावा रानी बाग जू के विकास के लिए 10 एकड़ जमीन पर जिराफ, जेब्रा, सफेद शेर व जेगुआर को रखने की घोषणा की गई थी।

यह प्रोजेक्ट भी अब तक पूरा नही किया गया है। इसके अलावा वार्ड के स्तर पर डिजास्टर कंट्रोल रूम बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अब तक यह भी पूरा नहीं किया गया है। वही लंदन आई के तर्ज पर मुंबई आई (बड़ा झुला) बनाने की बात की गई थी जिसके बाद बीएमसी को आलोचना भी झेलनी पड़ी थी।

पुराने परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए

बीएमसी बजट में आम मुंबईकरों को स्वच्छ पानी, गड्ढे मुक्त सड़क और मानसून के दौरान जल-जमाव से छुटकारा चाहिए। उनका कहना है कि बीएमसी को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना चाहिए, सड़क पर गड्ढे होने की वजह से कई दुर्घटनाएं होती है जिसमें लोगों की जान जाती है, ऐसे में गड्डा मुक्त सड़क होनी चाहिए। बीएमसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुराने परियोजनाओं को समय पर पूरा किया जाए। इसके अलावा कोई नया टैक्स लागू नहीं किया जाएगा।

हमारी बीएमसी से यह अपेक्षा है कि नागरिकों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ न डाला जाए। 75,000 करोड़ का मौजूदा बजट पहले से ही पर्याप्त है। इस प्रकार सुव्यवस्थित किया जाना चाहिए कि खर्च किया गया प्रत्येक रुपया ठोस और प्रत्यक्ष मूल्य प्रदान करे।

ऐतिहासिक रूप से हमने देखा है कि हर साल बजट में वृद्धि होती रही है, जबकि सेवाओं का स्तर संतोषजनक नहीं रहा। हम इस बात पर जोर देते हैं कि सार्वजनिक धन का प्रबंधन पारदर्शिता और मूल्य के साथ किया जाए, और साड़ियों, कुकरों तथा जूसर जैसी मुफ्त योजनाओं पर धन आवंटित किए जाने का हम कड़ा विरोध करते हैं। बीएमसी का प्राथमिक ध्यान स्वच्छता और साफ-सफाई पर ही केंद्रित रहना चाहिए।

- मनदीप सिंह मक्कर, संस्थापक, चांदिवली सिटिजन्स वेलफेयर एसोसिएशन

8 प्रतिशत वार्षिक पानी पर बढ़ने वाला टैक्स होगा रद्द

  • बीएमसी महापौर रितु तावड़े ने महापौर का पद संभालते हुए अपने भाषण में कहा था कि पानी पर बढ़ने वाला वार्षिक 8 प्रतिशत टैक्स के नियम को रद्द कर दिया जाएगा।
  • बता दें कि बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने भी 'नवभारत' को बताया था कि बीएमसी पानी बेहतर गुणवत्ता की मुहैया करा रही है और पानी पर प्रति वर्ष बढ़ने वाला टैक्स के नियम को रद्द किया जाएगा। इसकी घोषणा आज बजट में की जाएगी।
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