
जगन आज नहीं जा पाएंगे तिरुमला मंदिर
नई दिल्ली/हैदराबाद: तिरुपति मंदिर का विवाद अब और भी गहराता जा रहा है। इस क्रम में अब मंदिर के लड्डू प्रसादम् में तेल और जानवरों की चर्बी की मिलावट के आरोपों के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी को मंदिर जाने से ही रोक दिया गया है। इसके बाद जगन मोहन ने आज तिरुपति मंदिर का प्रस्तावित दौरा रद्द कर दिया है। पता हो कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया है कि जगन मोहन के कार्यकाल में लड्डू प्रसादम् की घी में मिलावट हुई थी।
इधर मंदिर का प्रस्तावित दौरा रद्द होने पर जगन ने राज्य सरकार पर हमला करते हुए कहा कि इस राज्य में राक्षसों का राज है। वे यह भी बोले कि उनके धर्म और उनकी आस्था को लेकर ही क्यों सवाल उठाया जा रहा है। जगन ने कहा कि वे अपने घर में बाइबिल पढ़ते हैं लेकिन साथ ही सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।
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जानकारी दें कि बीते 25 सितंबर को वा ईएसआर कांग्रेस पार्टी प्रमुख वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी आज 28 सितंबर को तिरुमला पहाड़ी पर स्थित भगवान वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर जाने और पूजा-अर्चना करेने का प्लान था। वहीं यह पार्टी द्वारा आयोजित राज्यव्यापी मंदिर अनुष्ठान का हिस्सा था, जिसका उद्देश्य मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा तिरुपति लड्डू पर आरोप लगाकर कथित तौर पर किए गए ‘पाप’ का प्रायश्चित करना था।
इस बाबत पार्टी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रेड्डी के 27 सितंबर को तिरुमाला पहुंचने और वहां रात्रि विश्राम करने की उम्मीद थी। इसमें कहा गया था कि , “वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी तिरुमला में भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन करेंगे। उनके शुक्रवार, 27 सितंबर की रात को तिरुमला पहुंचने की उम्मीद है और अगले दिन, 28 सितंबर को वे भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना करेंगे।”
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इसके साथ ही रेड्डी ने लोगों से आज 28 सितंबर को आंध्र प्रदेश के मंदिरों में पूजा-अर्चना में भाग लेने का आह्वान किया था ताकि तिरुपति के लड्डुओं पर आरोप लगाकर मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा कथित तौर पर किए गए पाप का प्रायश्चित किया जा सके। पूर्व मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि, “चंद्रबाबू द्वारा किए गए इस पाप को धोने के लिए वाईएसआरसीपी शनिवार 28 सितंबर को मंदिरों में राज्यव्यापी अनुष्ठानों का आह्वान कर रही है।”
हालांकि रेड्डी की यह अपील ऐसे समय में आई थी जब कुछ दिन पहले ही नायडू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) विधायक दल की बैठक में आरोप लगाया था कि पिछली वाईएसआरसीपी सरकार ने श्री वेंकटेश्वर मंदिर को भी नहीं बख्शा और लड्डू बनाने के लिए घटिया सामग्री और पशु चर्बी का इस्तेमाल किया। इन आरोपों ने पूरे देश में बड़े पैमाने पर विवाद को जन्म दे दिया है। वहीं इस बीच, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कथित अपवित्रता को लेकर देवता को प्रसन्न करने के लिए 11 दिनों का प्रायश्चित शुरू किया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)






