अमित शाह और शरद पवार ने किए मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन, शिंदे और फडणवीस से भी मिलने पहुंचे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को मुंबई में प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणेश पंडाल जा कर गणेश भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने शरद पवार के दर्शन को एक दिखावा कहा है।  
अमित शाह लालबागचा राजा
लालबागचा राजा (सौजन्य-एक्स)
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मुंबई : गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर लालबागचा राजा के दर्शन करने दिग्गज राजनेता पहुंच रहे है। यहां सोमवार श्री गणेश के दर्शन करने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार भी पहुंचे।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को मुंबई में प्रसिद्ध लालबागचा राजा गणेश पंडाल जा कर गणेश भगवान के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। मुंबई के लालबाग इलाके में सबसे प्रसिद्ध गणेश पंडाल में भगवान गणेश के दर्शन के दौरान शाह के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े भी थे।

अमित शाह दौरे का दूसरा दिन

शाह बाद में बांद्रा वेस्ट गणेश पंडाल भी गए, जो भाजपा की मुंबई इकाई के अध्यक्ष आशीष शेलार से संबद्ध है। इससे पहले सुबह, शाह यहां मुख्यमंत्री शिंदे और फडणवीस के आधिकारिक आवास पर गए और उनके घरों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं के दर्शन किए। यह मुंबई में शाह के दौरे का दूसरा दिन है। रविवार रात को उन्होंने मुख्यमंत्री शिंदे के साथ ही उपमुख्यमंत्री फडणवीस और अजित पवार से मुलाकात की थी।

दामाद के साथ पहुंचे शरद पवार

शरद पवार अपने दामाद सदानंद सुले और नातिन रेवती के साथ लालबागचा राजा के पंडाल में गए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ‘एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुंबई के गणेश उत्सव की धूम गिरगांव में देखी जा सकती है। अपने परिवार के सदस्यों के साथ पूरे दिल से लालबागचा राजा पंडाल के दर्शन किए। मैंने किसानों तथा आम लोगों के हितों के लिए लड़ने की शक्ति पाने की प्रार्थना की।''

प्रवीण दरेकर ने बताया ‘‘दिखावा''

बहरहाल, भाजपा के विधान परिषद सदस्य प्रवीण दरेकर ने पवार के लालबागचा राजा पंडाल में जाने को ‘‘दिखावा'' बताया। दरेकर ने दावा किया, ‘‘पवार कई वर्षों बाद मंदिर गए हैं और वह भी राजनीतिक कारणों से। उनका पंडाल में जाना बड़ा दिखावा है। पवार ऐसे कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं जहां वक्ताओं ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है लेकिन उन्होंने कभी उनका विरोध नहीं किया।''

गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अगले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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