रेलवे ने तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का इस्तीफा, चुनाव लड़ने पर संशय खत्म

रेलवे ने सोमवार को पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के इस्तीफे स्वीकार कर लिए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दोनों पहलवानों ने हाल ही में कांग्रेस पार्टी को ज्वॉइन किया है। इसी वजह से दोनों ने अपनी रेलवे की नौकरी छोड़ने का फैसला किया था।
भारतीय रेलवे ने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया
विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: भारत के स्टार पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने राजनीति में एंट्री ले ली है। दोनों पहलवानों ने कांग्रेस पार्टी ज्वॉइन की है। पार्टी का हाथ थामने से पहले विनेश और बजरंग दोनों ने रेलवे की नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद रेलवे ने अब दोनों का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

सोमवार को जारी अलग-अलग नोटिस में उत्तर रेलवे ने कहा कि छह सितंबर को दिए गए उनके इस्तीफे को ‘‘सक्षम प्राधिकारी द्वारा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।''

पूनिया और फोगाट दोनों हाल में कांग्रेस में शामिल हुए हैं। फोगाट को जुलाना निर्वाचन क्षेत्र से हरियाणा विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी की ओर से टिकट दिया गया है। उत्तर रेलवे ने दोनों के मामलों में तीन महीने की नोटिस अवधि के प्रावधान में ढील दी। ऐसी अटकलें थीं कि नोटिस अवधि के मानदंड के मद्देनजर फोगाट संभवत: चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।

चुनाव नियमों के अनुसार, हरियाणा में पांच अक्टूबर को होने वाला विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उन्हें रेलवे से आधिकारिक रूप से मुक्त होना होगा। अब, चूंकि रेलवे ने दोनों ओलंपिक खिलाड़ियों को उनकी सेवा से मुक्त कर दिया है, इसलिए फोगाट चुनाव लड़ सकती हैं।

कांग्रेस में शामिल होने से पहले पार्टी नेता राहुल गांधी से मुलाकात के बाद उत्तर रेलवे ने फोगाट तथा पूनिया को नोटिस जारी किया था। उत्तर रेलवे ने कहा था कि ‘कारण बताओ' नोटिस सेवा के नियमों के तहत दिया गया क्योंकि वे दोनों सरकारी कर्मचारी थे। नोटिस के बाद दोनों ने रेलवे से इस्तीफा दे दिया था।

जानकारी के लिए बता दें कि विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में अयोग्य घोषित किया गाया था। वह फाइनल मुकाबले से पहले ज्यादा वजन होने की वजह से डिसक्वालीफाई हो गई थीं, जिसके बाद उन्होंने सिल्वर मेडल की मांग की थी। लेकिन उनकी इस मांग को खारिज कर दिया गया था। उन्होंने पेरिस ओलंपिक के बाद संन्यास का भी ऐलान कर दिया था। ऐसे में अब वह राजनीति में अपना हाथ आजमाने वाली हैं।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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