
BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी, PM मोदी
Subramanian Swamy on PM Modi: भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने अमेरिका के साथ जारी टैरिफ विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को लेकर तीखी टिप्पणी की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक बयान में स्वामी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा की आम सभा को यह तय करना चाहिए कि क्या प्रधानमंत्री मोदी को सेवानिवृत्त कर ‘मार्गदर्शन मंडल’ में रहने के लिए कहा जाए।
स्वामी ने अपने ट्वीट में आरोप लगाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से दोस्ती होने के कारण मोदी भारतीय लोकतंत्र और स्वयं भाजपा के लिए संभावित खतरा बन सकते हैं। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव की खबरें चल रही हैं और दोनों देशों के बीच व्यापारिक शर्तों पर पुनर्विचार की चर्चा चल रही है।
सुब्रमण्यम स्वामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘आरएसएस और भाजपा की आम सभा को यह तय करना चाहिए कि क्या PM मोदी को सेवानिवृत्त करके मार्गदर्शन मंडल में रहने के लिए कहा जाए। ट्रंप के अनुयायी होने के नाते मोदी भारतीय लोकतंत्र और भाजपा के लिए संभावित खतरा हैं’।
RSS and the General Body of the BJP should decide if Modi be retired and asked to live in Marg Darshan Mandal. Modi being a follower of Trump is a potential danger for Indian Democracy and the BJP. — Subramanian Swamy (@Swamy39) January 6, 2026
रविवार को फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “भारत मूल रूप से मुझे खुश करना चाहता था। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं, वह अच्छे व्यक्ति हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं था और मुझे खुश करना जरूरी था। वे व्यापार करते हैं, और हम उन पर जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।”
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ट्रंप की यह टिप्पणी अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के बयान के बाद आई, जो एयर फोर्स वन में उनके साथ मौजूद थे। ग्राहम ने कहा कि ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के कारण ही भारत अब रूस से काफी कम तेल खरीद रहा है। ग्राहम ने अपने टैरिफ संबंधी विधेयक का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें रूस से तेल खरीदने वाले देशों से होने वाले आयात पर 500 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रावधान है।






