15 कोच वाली लोकल का संचालन होगा आसान, मेगा ब्लॉक के दौरान हुआ ठाणे यार्ड का काम

Central Railway Mumbai: मध्य रेल ने ठाणे यार्ड में मेगा ब्लॉक के दौरान महत्वपूर्ण तकनीकी कार्य पूरे किए, जिससे 15 कोच वाली लोकल ट्रेनों का संचालन और रखरखाव और अधिक आसान हो सकेगा।
15 coach local train
Central Railway Mumbai (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Thane Platform Extension: मध्य रेल के मुंबई मंडल पर रविवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक मुलुंड और ठाणे रेलवे स्टेशन के बीच अप और डाउन स्लो लाइनों पर मेगा ब्लॉक के दौरान कई तकनीकी कार्य किए गए।

ब्लॉक के दौरान ठाणे में प्लेटफॉर्म विस्तार और 15 कोच वाली ट्रेनों को समायोजित करने के लिए ठाणे यार्ड के पुनर्निर्माण से संबंधित कार्य भी पूरे किए गए। इनमें इंजीनियरिंग, ओएचई, सिग्नल, दूरसंचार तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, पर्यवेक्षक और कर्मचारी शामिल रहे।

पूरे हुए ये रुके कार्य

क्रेन मशीन की मदद से स्विच और पुलिया को हटाने व लगाने का काम किया गया। साथ ही साइडिंग कार्य और टैंपिंग, क्रॉसओवर बिछाना, ट्रैक शिफ्ट करना, मौजूदा क्रॉसओवर हटाकर 80 मीटर नया ट्रैक बिछाना, संपर्क तारों को पुनः तनाव देना तथा ओएचई रखरखाव किया गया। इसके अलावा पॉइंट मशीन, सिग्नल और ट्रैक सर्किट को भी शिफ्ट किया गया।

इस दौरान कल्याण जंक्शन से सुबह 10:36 बजे से दोपहर 3:24 बजे तक चलने वाली अप स्लो ट्रेनों को ठाणे और मुलुंड स्टेशनों के बीच अप फास्ट लाइन पर डायवर्ट किया गया और मुलुंड स्टेशन पर उन्हें पुनः अप स्लो लाइन पर लाया गया।

वहीं छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से सुबह 10:04 बजे से दोपहर 3:09 बजे तक चलने वाली डाउन स्लो सेवाओं को मुलुंड और ठाणे के बीच डाउन फास्ट लाइन पर डायवर्ट किया गया तथा ठाणे में फिर से डाउन स्लो लाइन पर भेजा गया।

15 डिब्बों की लोकल बढ़ेगी

मध्य रेल पर 15 डिब्बों वाली लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की दिशा में कार्य जारी हैं। प्लेटफॉर्म की लंबाई बढ़ाने के साथ यार्ड उन्नयन भी किया जा रहा है। यह 34 यार्ड के पुनर्निर्माण परियोजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य मध्य रेल नेटवर्क पर 15 कोच वाली लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाना है।

यह कार्य कई स्टेशनों पर एक साथ चल रहा है, जिनमें ठाणे प्रमुख स्टेशन है। इन कार्यों के पूरा होने से मौजूदा ट्रेन सेवाओं में सुधार होगा और इस खंड पर 15 कोच वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी। उन्नत यार्ड के कारण 15 कोच वाली ट्रेनों की स्टेबलिंग और रखरखाव भी सुगम हो सकेगा।

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