राजनीति अब अर्थव्यवस्था पर हावी: वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव, एस. जयशंकर का बयान

S. Jaishankar: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज दुनिया में राजनीति अर्थव्यवस्था से अधिक प्रभावी हो गई है। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा, सप्लाई चेन संकट और ऊर्जा बदलाव से नए वैश्विक समीकरण बन रहे हैं।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Politics Dominating Economy: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के बदलते समीकरणों पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आज राजनीति आर्थिक नीतियों को नियंत्रित कर रही है। देश अब सुरक्षा और स्थिरता को प्राथमिकता देते हुए नए रिश्ते बना रहे हैं। जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि भारत का ‘मेक इन इंडिया’ अभियान इन चुनौतियों का समाधान है।

राजनीति अर्थव्यवस्था से ऊपर- जयशंकर

कोलकाता में आईआईएम जोका कैंपस में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि आज की दुनिया में राजनीति अर्थव्यवस्था पर हावी हो गई है। उन्होंने कहा कि यह अब सिर्फ मजाक या चर्चा का मुद्दा नहीं, बल्कि वास्तविकता बन चुकी है।

अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा से नई वैश्विक स्थिति

वैश्विक हालात पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि अमेरिका अब पुरानी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से हटकर सीधे द्विपक्षीय संबंधों पर ध्यान दे रहा है, जबकि चीन पहले से ही अपने नियमों पर चलता रहा है और अब वह इसे और तेजी से आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में देशों के सामने चुनौती है कि वे इस प्रतिस्पर्धा में किस पक्ष पर ध्यान दें या उनके बीच होने वाले समझौतों से क्या सीखें।

सप्लाई चेन संकट और सुरक्षा की चिंता

उन्होंने कहा कि वैश्वीकरण, अलगाव और सप्लाई सुरक्षा जैसे मुद्दे दुनिया भर में तनाव बढ़ा रहे हैं। दुनिया का लगभग एक-तिहाई उत्पादन चीन में केंद्रित है, जिससे सप्लाई चेन असुरक्षित हो गई है। युद्ध, विवाद और जलवायु परिवर्तन ने अनिश्चितता और बढ़ा दी है।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा बदलाव

जयशंकर ने कहा कि अमेरिका अब ऊर्जा का बड़ा निर्यातक बन चुका है, जबकि चीन नवीकरणीय ऊर्जा में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। टैरिफ में बदलाव, व्यापार विवाद और वित्तीय प्रतिबंधों ने वैश्विक व्यापार को अस्थिर कर दिया है।

भारत का समाधान- ‘मेक इन इंडिया’

उन्होंने कहा कि भारत इन वैश्विक चुनौतियों का सामना अपनी क्षमता बढ़ाकर और कमजोरियों को कम करके करेगा। ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को तेज औद्योगिक विकास का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे ‘रिसर्च इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ भी मजबूत होंगे।

नई व्यापार नीतियों पर जोर

भारत सप्लाई चेन में विविधता लाने, नए व्यापार समझौते करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने पर काम कर रहा है। जयशंकर ने कहा कि दुनिया भारत के साथ संबंधों को पहले से अधिक महत्व दे रही है।

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