सीमावर्ती राज्यों में ऑपरेशन शील्ड, एक क्लिक में देखिए जम्‍मू से लेकर गुजरात तक के मॉक ड्रिल

31 मई की शाम ऑपरेशन शील्ड कराया गया जिसके तहत, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, गुजरात और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती इलाकों में इस युद्धाभ्यास के जरिए हवाई हमले, ड्रोन अटैक और बम विस्फोट जैसी आपात स्थितियों को परखा गया।
सीमावर्ती राज्यों में ऑपरेशन शील्ड, एक क्लिक में देखिए जम्‍मू से लेकर गुजरात तक के मॉक ड्रिल
फोटो सोर्स - एक्स
Published on
Updated on

नई दिल्ली : देश की सीमावर्ती राज्यों में शनिवार शाम एक अलग ही नजारा देखने को मिला। 'ऑपरेशन शील्ड' के तहत गुजरात, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर जैसे सीमावर्ती राज्यों में युद्ध जैसी परिस्थितियों की तैयारी को परखने के लिए मॉक ड्रिल की गई। मॉक ड्रिल में सेना, बीएसएफ, वायुसेना, एसडीआरएफ और सिविल प्रशासन ने समन्वय के साथ आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू ऑपरेशन का रिहर्सल किया।

राजस्तान के जैसलमेर में बीएसएफ डीआईजी योगेन्द्र सिंह राठौड़ ने कहा कि यह मॉक ड्रिल पूरे देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रही है। इसका उद्देश्य नागरिकों को जागरूक करना है कि अगर युद्ध या आपदा जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाए, तो किस तरह से बचाव और राहत कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि बीएसएफ, सेना, वायुसेना और सिविल प्रशासन के बीच तालमेल बेहद मजबूत है। ऑपरेशन खत्म नहीं हुआ, यह सिर्फ एक विराम है। हमारी एयर डिफेंस सिस्टम 24 घंटे और सातों दिन अलर्ट रहती है।

झालावाड़ में मॉक ड्रिल के मधुमक्खियों के झुंड ने अधिकारियों पर किया हमला

झालावाड़ में कालीसिंध बांध पर ड्रोन हमले की नकली स्थिति बनाकर मॉक ड्रिल की गई, लेकिन इस दौरान एक मधुमक्खियों के झुंड ने अधिकारियों पर हमला कर दिया, जिससे अफरातफरी मच गई। डीएम और एसपी तक को भागना पड़ा, हालांकि किसी को गंभीर चोट नहीं आई।

जयपुर के खातीपुरा क्षेत्र में स्थित शहीद मेजर दिग्विजय सिंह सुमाल राजकीय विद्यालय में हवाई हमले की सीन क्रिएट की गई। बाजार में अचानक धमाके की आवाज के बाद राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।

सीकर में कल्याण मेडिकल कॉलेज को धमाकों का केंद्र बनाया गया। चार नकली विस्फोटों के जरिए आपात प्रतिक्रिया तंत्र की जांच की गई। एक बच्ची धमाके से डर गई जिसे महिला पुलिसकर्मियों ने तुरंत संभाला। ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को रस्सियों की मदद से बचाया गया।

पंजाब में क्या कुछ हुआ?

अमृतसर, पठानकोट, तरनतारन, गुरदासपुर, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे संवेदनशील जिलों में भी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कमांडेंट जसकरण सिंह ने बताया कि इस ड्रिल का उद्देश्य यह परखना है कि अगर युद्ध जैसी स्थिति आती है तो सिविल डिफेंस और प्रशासन कैसे एक साथ मिलकर काम करते हैं। लोगों को भी ब्लैकआउट के दौरान सुरक्षित रहने की ट्रेनिंग दी गई।

जम्मू-कश्मीर के इलाकों में भी अलर्ट

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में एडीसी अनिल कुमार ठाकुर ने बताया कि हमने ऑपरेशन शील्ड के तहत सिविल डिफेंस ड्रिल की। हमारा लक्ष्य है कि किसी भी आपात परिस्थिति में हम तैयार रहें, चाहे वह प्राकृतिक आपदा हो या दुश्मन का हमला। वहीं गुजरात के अहमदाबाद में नागरिक सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com