
क्लास में मौजूद कुत्ते। इमेज-एआई
Professors to Count Dogs: राजस्थान में कोटा के सरकारी कॉलेजों में प्रोफेसर बच्चों को पढ़ाई कराने के साथ-साथ अब कुत्तों को कॉलेज से भगाने के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। सबसे बड़ी बात है कि कैंपस में कहीं कुत्ता नजर आता है तो इसके लिए प्रभारी ही जिम्मेदार होगा। ऐसा आदेश कोटा के जिला कलेक्टर ने जारी कर सरकारी कॉलेज को डॉग फ्री करने के लिए कहा है। आदेश में कॉलेज के प्रोफेसर को नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है।
कलेक्टर के आदेश को पढ़ने के बाद कई प्रोफेसर यह सोचने में लगे हैं कि हमें बच्चों को पढ़ाई करानी है या कुत्ते भगाने की ड्यूटी करनी है। कलेक्टर ने समीक्षा बैठक के बाद यह आदेश जारी किया। आदेश में कहा है कि जिन प्रोफेसर की ड्यूटी कुत्ते भगाने में एवं कॉलेज परिसर की सफाई एवं स्वच्छता के लिए लगेगी, उनके नाम और मोबाइल नंबर मेन गेट के पास में बोर्ड पर लिखे होंगे।
जिला कलेक्टर के आदेश के बाद में कोटा के 4 कॉलेजों में कुत्तों को भगाने और कैंपस को साफ रखने के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है। नोडल अधिकारी सुनिश्चित करेंगे कि स्ट्रीट डॉग कॉलेज परिसर में न आएं या वहां न रहें। कॉलेज की देखरेख और स्वच्छता की जिम्मेदारी इन्हीं की होगी।
किसी अभियान या आयोजन का प्रभारी बनने के इच्छुक सीनियर प्रोफेसर यह जिम्मेदारी लेने में आनाकानी कर रहे। कलेक्टर भी साप्ताहिक समीक्षा बैठक में निर्देश दे चुके हैं कि हर कॉलेज में नोडल अधिकारी नियुक्त कर तुरंत सूचना दें। ऐसे में कॉलेज प्रबंधन असमंजस में है। आपसी सहमति से नवनियुक्त असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रयोगशाला स्टाफ, क्लर्क को नोडल अधिकारी बनाया गया है। पांच अन्य कॉलेजों में यह प्रक्रिया जारी है।
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यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार कुलगुरु और प्रिंसिपल को हर शिक्षण संस्थान में कुत्ता नियंत्रण के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति करनी है। आदेश के अनुसार 4 कॉलेजों में प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। राजकीय विज्ञान कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर (भौतिक शास्त्र) हर्ष खंडेलवाल, राजकीय कॉमर्स कन्या कॉलेज में सहायक आचार्य अर्चना अग्रवाल, राजकीय आर्ट्स कॉलेज-प्रयोगशाला सहायक में विकास राव, राजकीय कॉमर्स कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर संदीप कुमार नोएडा अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।






