पंजाब सरकार में बड़ा फेरबदल: रातों-रात छिने मंत्रियों के पावरफुल विभाग, किसे मिली नई जिम्मेदारी

Punjab की भगवंत मान सरकार ने एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया है। यह बदलाव प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने और क्षेत्रीय संतुलन कायम रखने के उद्देश्य से किए गए हैं।
Punjab Cabinet Reshuffle CM Bhagwant Mann Make new Team
पंजाब सरकार ने कैबिनेट में किया बड़ा बदलाव (फोटो- सोशल मीडिया)
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Punjab Cabinet Reshuffle: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने एक बार फिर अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल करते हुए सबको चौंका दिया है। इस बड़े बदलाव के तहत कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह से स्थानीय निकाय यानी लोकल बॉडी विभाग वापस ले लिया गया है। अब यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मंत्री संजीव अरोड़ा को सौंपी गई है। वहीं डॉ. रवजोत सिंह को अब एनआरआई विभाग का प्रभार दिया गया है। सरकार ने इसे प्रशासनिक कामकाज को बेहतर बनाने की कवायद बताया है।

सूत्रों के मुताबिक यह सातवीं बार है जब मान सरकार ने अपने मंत्रियों के विभागों में बदलाव किया है। सरकार का तर्क है कि यह फेरबदल क्षेत्रीय संतुलन और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखकर किया गया है। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इन सभी नए बदलावों को अपनी मंजूरी दे दी है। सरकार का मानना है कि परफॉर्मेंस के आधार पर ही मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं, ताकि जनता तक बेहतर सुशासन का संदेश पहुंचाया जा सके।

सातवीं बार क्यों बदले गए विभाग?

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से मंत्रिमंडल में बदलाव का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जुलाई 2025 में ही संजीव अरोड़ा को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया था, जब कुलदीप सिंह धालीवाल को हटाकर उनका एनआरआई विभाग अरोड़ा को दिया गया था। इससे पहले सितंबर 2024 में चेतन सिंह जौड़ामाजरा, बलकार सिंह, ब्रह्म शंकर जिम्पा और अनमोल गगन मान जैसे बड़े चेहरों को बाहर का रास्ता दिखाकर पांच नए मंत्रियों को मौका दिया गया था। सरकार का उद्देश्य कामकाज में नई ऊर्जा लाना है।

2027 के चुनाव की बिछ रही बिसात

राजनीतिक पंडित इसे सिर्फ प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी मान रहे हैं। मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड और उपचुनावों के नतीजों के आधार पर यह फैसले लिए जा रहे हैं। तरुणप्रीत सिंह सोढ़ी से उद्योग और वाणिज्य विभाग लेकर संजीव अरोड़ा को दिया गया था, जबकि सोढ़ी को पर्यटन, संस्कृति, श्रम और पंचायत विभाग सौंपे गए। अब तक 4 से 5 मंत्रियों की छुट्टी कर नए विधायकों को आजमाया जा चुका है, जो पार्टी को मजबूती देने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

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