- Hindi News »
- India »
- One Nation One Election Know When Will Elections Be Held Simultaneously If Bill Is Passed Next Year
One Nation One Election: अगले साल पास हुआ बिल तो कब एक साथ होंगे चुनाव? यहां है आपके हर सवाल का जवाब!
देश में इन दिनों चौतरफा वन नेशन वन इलेक्शन बिल की चर्चा है, जो कि जेपीसी के पास है। ऐसे में इस बिल का इस सत्र में पास होना असंभव है। अब अगर यह अगले साल यानी 2025 में पास होता है तो कब एक साथ चुनाव होंगे यह बड़ा सवाल है।
- Written By: अभिषेक सिंह

कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन)
नई दिल्ली: ‘एक देश-एक चुनाव’ की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों के कड़े विरोध के बीच मंगलवार को लोकसभा में संविधान के 129वें संशोधन विधेयक और इससे संबंधित एक अन्य विधेयक पेश किया। तब विपक्ष ने इस विधेयक को तानाशाही बताते हुए संविधान संशोधन विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेजने की मांग की थी। संविधान संशोधन के लिए दो तिहाई बहुमत जुटाने की चुनौती और विपक्ष की मांग को देखते हुए केंद्र सरकार ने दोनों विधेयकों को जेपीसी को भेजने पर सहमति जताई।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब यह विधेयक कैबिनेट में चर्चा के लिए आया था, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे जेपीसी को भेजने की बात कही थी। अब दोनों विधेयक- संविधान का 129वां संशोधन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक जेपीसी को भेजे जाएंगे। सवाल यह है कि संसद का मौजूदा सत्र 20 दिसंबर तक है। ऐसे में संसद के इस सत्र में विधेयक पारित नहीं हो पाएंगे। अगर संयुक्त संसदीय समिति की मंजूरी मिलने के बाद बिना बदलाव के विधेयक संसद में पारित हो जाते हैं, तो यह कब लागू होंगे?
जेपीसी का गठन कैसे होगा?
संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे। संसद में पार्टियों की संख्या के हिसाब से हर पार्टी के सदस्यों की संख्या तय की जाएगी। ऐसे में सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते सबसे ज्यादा सदस्य और अध्यक्ष बीजेपी से हो सकते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
पंजाब में चुनावी टिकट पहले ही बिक गए…राहुल गांधी को भनक तक नहीं लगी, नवजोत कौर का कांग्रेस पर सनसनीखेज आरोप
कर्नाटक में छिन गई ‘कांग्रेसी’ की कुर्सी…हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया चुनाव, एक गलती ने 3 साल बाद पलट दी बाजी!
यूपी के बाद अब बिहार में खुले में नहीं बिकेगा मांस, डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने नियम को लेकर क्या कहा?
Punjab Politcs: पंजाब फतह के लिए भाजपा ने चला ‘नायाब’ दांव, 31 फीसदी ओबीसी और ‘सिख कनेक्शन’ से पलटेगी बाजी?
जेपीसी क्या करेगी?
एक देश-एक चुनाव से जुड़े आठ पन्नों के इस विधेयक में जेपीसी को काफी होमवर्क करना होगा। संविधान के तीन अनुच्छेदों में बदलाव कर नया प्रावधान जोड़ने का प्रस्ताव दिया गया है। दरअसल, अनुच्छेद 82 में नया प्रावधान जोड़कर राष्ट्रपति को तय तिथि पर फैसला लेने को कहा गया है। आपको बता दें कि अनुच्छेद 82 जनगणना के बाद परिसीमन के बारे में है।
एक देश एक चुनाव विधेयक से जुड़ी अन्य खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जेपीसी अपनी रिपोर्ट कब देगी?
संविधान के 129वें संशोधन और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयकों को अंतिम रूप देने में लगभग पूरा 2025 लग सकता है। अगर ऐसा हुआ तो ये दोनों बिल 2026 में फिर से सदन में जाएंगे। अगर बिल विशेष बहुमत पाकर पास हो जाता है तो चुनाव आयोग के पास 2029 की तैयारी के लिए सिर्फ दो साल ही बचेंगे। एक देश एक चुनाव के तहत सभी राज्यों और पूरे देश में एक साथ चुनाव कराने के लिए यह समय काफी नहीं है।
बिल पास होने के बाद क्या होगा?
यह सबसे अहम सवाल है कि 2029 के चुनाव के बाद राष्ट्रपति अधिसूचना जारी कर लोकसभा की पहली बैठक की तारीख तय करेंगे। चुनाव होंगे और फिर 2034 में लोकसभा का पूरा कार्यकाल पूरा होगा। इससे सभी विधानसभाओं का कार्यकाल पूरा माना जाएगा, तभी एक साथ चुनाव कराए जा सकेंगे।
तैयारी के लिए कितना समय चाहिए?
अगर अब तक की प्रक्रिया को देखा जाए तो 2034 की टाइमलाइन बुनियादी जरूरतों से मेल खाती है। एक देश एक चुनाव के लिए चुनाव आयोग को कम से कम 46 लाख ईवीएम की जरूरत है। अभी चुनाव आयोग के पास सिर्फ 25 लाख मशीनें हैं। मशीनों की एक्सपायरी 15 साल है। ऐसे में 15 लाख मशीनों की लाइफ दस साल में पूरी होगी। मशीनों का इंतजाम करने में 10 साल लग सकते हैं।
One nation one election know when will elections be held simultaneously if bill is passed next year
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
एक नहीं…बांग्लादेश में चलेगी दो सरकार! ‘शैडो कैबिनेट’ बनाने में जुटा जमात, तारिक पर लगाम लगाने की तैयारी
Feb 17, 2026 | 09:55 AMShare Market: शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 200 अंक टूटा, निफ्टी लाल निशान पर, IT शेयरों में दिखी तेजी
Feb 17, 2026 | 09:47 AMक्या आप भी फेंक देते हैं संतरे के छिलके? बाथरूम में बड़े काम आएगी ये बेकार चीज, इस तरह करें इस्तेमाल
Feb 17, 2026 | 09:45 AMBMC में आरटीई 25% प्रवेश प्रक्रिया शुरू, 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन आज से
Feb 17, 2026 | 09:44 AMअमित साटम ने उठाया मुद्दा, स्कूल खरीद में पारदर्शिता के लिए GeM पोर्टल लागू करने की मांग
Feb 17, 2026 | 09:36 AMEpstein Files विवाद पर डोनाल्ड ट्रंप की सफाई: कहा- मेरा उनसे कोई लेना-देना नहीं, मैं बेगुनाह हूं
Feb 17, 2026 | 09:34 AMरूस-खाड़ी तक पहुंचेगा जलगांव का केला? नई योजना से उम्मीद, किसानों को मिलेगी राहत
Feb 17, 2026 | 09:33 AMवीडियो गैलरी

इंसानियत शर्मसार! UGC विवाद में छात्राओं को रेप और मर्डर की धमकी, थाने में भी सुरक्षित नहीं बेटियां- VIDEO
Feb 16, 2026 | 10:05 PM
प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, नागपुर में खुले नाले में गिरा 3 साल का बच्चा; 24 घंटे बाद मिली लाश
Feb 16, 2026 | 09:59 PM
UP विधानसभा में गूंजी युवाओं की आवाज, सपा विधायक ने खोली भर्तियों की पोल; आरक्षण में धांधली का लगाया आरोप
Feb 16, 2026 | 09:51 PM
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ शब्द पर घमासान! राजद विधायक के बयान ने रामविलास पासवान के अपमान पर छेड़ी नई जंग
Feb 16, 2026 | 09:45 PM
हेल्थ इंश्योरेंस या धोखा? मां के इलाज के लिए दर-दर भटका बेटा, प्रीमियम के बाद भी कंपनी का क्लेम देने से इंकार
Feb 16, 2026 | 09:41 PM
ATM जाने के बहाने निकलीं और बन गईं हिंदू परिवार की बहू! छतरपुर में दो चचेरी बहनों के अंतरधार्मिक विवाह पर बवाल
Feb 16, 2026 | 09:19 PM














