लोकसभा ( सोर्सः सोशल मीडिया )
नई दिल्लीः लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही दोपहर 12 बजे तक स्थगित भी हो गई है। दरअसल सुबह जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई वैसे ही सांसदों ने नारेबाजी भी शुरू कर दी, जिस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सदन पूरी मर्यादा और नियमों से ही चलेगी। जब सांसदों ने इसका विरोध किया तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हंगामे के बीच सदस्यों से पूछा, “क्या आप प्रश्नकाल जारी रखना चाहते हैं?” उन्होंने आगे कहा, “सदन शिष्टाचार, गरिमा और उच्च मानदंडों का पालन करेगा। सदन के अंदर न तो गरिमा गिरेगी और न ही शिष्टाचार कम होगा।” ओम बिरला ने कहा कि मैं चाहता हूं कि आप प्रश्नकाल में सहयोग करें। उसके बाद भी विपक्ष का हंगामा जारी रहा। जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने दोपहर 12 बजे तक के लिए लोकसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।
#WATCH | Delhi: Opposition MPs including Lok Sabha LoP Rahul Gandhi and Priyanka Gandhi Vadra hold a protest over Adani matter, at the Parliament premises. pic.twitter.com/S28BwNTpdM
— ANI (@ANI) December 6, 2024
इस बार के शीतकालीन सत्र में लगातार अड़चने देखने को मिल रही हैं। विपक्षी दलों ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर बहस के लिए मुखर रूप से दबाव डाला है। इस बीच, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा अपने हाथ में संविधान की एक काॅपी को पकड़े रखा। राहुल गांधी समेत विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को राष्ट्रीय राजधानी में संसद परिसर में अडानी मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने अडानी मुद्दे पर अपने विरोध का प्रतीक मास्क पहना था, जिस पर लिखा था, “मोदी अडानी, भाई भाई।”
कांग्रेस सांसद वेणुगोपाल ने कहा, “आज बीआर अंबेडकर की पुण्यतिथि है, जिन्होंने भारत का संविधान दिया। उसी संविधान का अडानी के लिए संवैधानिक अधिकार का उल्लंघन किया गया है। हम एक प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जब भी अडानी का नाम आता है, भारत सरकार मुद्दे को भटकाना चाहती है। उन्हें मुद्दे को भटकाने दें, हम अपना विरोध जारी रखेंगे।”
वहीं, कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने एक बार फिर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को उठाया। उन्होंने कहा, “हम सभी जानते हैं कि संसद में अडानी के स्लीपर सेल सक्रिय हो रहे हैं। हम जानते हैं कि अडानी मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए अलग-अलग लोगों को रखा गया है।
कांग्रेस ने स्पीकर से मांग की है कि संसद में इस तरह की अपमानजनक भाषा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।” अडानी अभियोग पर चर्चा करने की विपक्ष की मांग के बीच हंगामे के बाद पिछले सप्ताह दोनों सदनों में संक्षिप्त सत्र चला। अडानी समूह ने अडानी ग्रीन के निदेशकों के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा लगाए गए आरोपों का खंडन किया है।
जबकि भाजपा ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हमले की आलोचना की। बयान में कहा गया है, “अडानी ग्रीन के निदेशकों के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग और अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और उनका खंडन किया गया है।” बयान में कहा गया है, “जैसा कि अमेरिकी न्याय विभाग ने खुद कहा है, ‘अभियोग में लगाए गए आरोप आरोप हैं और जब तक दोषी साबित नहीं हो जाते, तब तक प्रतिवादियों को निर्दोष माना जाता है।’ सभी संभव कानूनी उपाय किए जाएंगे।” अडानी समूह ने कहा कि उसने हमेशा “अपने संचालन के सभी अधिकार क्षेत्रों में शासन, पारदर्शिता और विनियामक अनुपालन के उच्चतम मानकों” को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
बयान में कहा गया है, “हम अपने हितधारकों, भागीदारों और कर्मचारियों को आश्वस्त करते हैं कि हम एक कानून का पालन करने वाला संगठन हैं, जो सभी कानूनों का पूरी तरह से अनुपालन करता है।” शीतकालीन संसद का पहला सत्र 25 नवंबर को शुरू हुआ, जिसमें व्यवधानों के कारण दोनों सदनों को काफी पहले ही स्थगित कर दिया गया। शीतकालीन सत्र 20 दिसंबर तक चलेगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)