कोलकाता कांड: विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए पीड़िता के माता-पिता, आधी रात को 'ब्लैक आउट'

कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर के दुष्कर्म और हत्या मामले को लेकर हज़ारों डॉक्टरों का विरोध जारी है। डॉक्टरों ने पीड़िता के लिए न्याय की मांग करते हुए आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में मोमबत्ती जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। पीड़िता के माता-पिता और पर‍िवार के अन्‍य सदस्‍य भी अब इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
कोलकाता कांड: विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए पीड़िता के माता-पिता, आधी रात को 'ब्लैक आउट'
(डिज़ाइन फोटो)
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कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर अस्‍पताल में लेडी डॉक्‍टर के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या मामले को एक महीना हो चुका है, लेकिन इस बाबत लोगों का गुस्‍सा कम नहीं हो रहा है। आज भी न्‍याय की आस में आज भी सैकड़ों जूनियर डॉक्टर अस्‍पताल के बाहर धरना दे रहे हैं। इधर मृतक ट्रेनी डॉक्‍टर के माता-पिता और पर‍िवार के अन्‍य सदस्‍य भी अब इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।

बीते बुधवार मृतक महिला डॉक्टर के माता-पिता ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर मीडिया को भी संबोधित किया। इसमें मृतक ट्रेनी डॉक्‍टर की मां भावुक हो गईं और कहा-"आरजी कर अस्‍पताल ने मेरी एक बेटी छीन ली, लेकिन आज मुझे लाखों बेटे बेटियां मिल गई हैं। मुझे बहुत मजबूत बनाया है। मुझे इंसाफ चाहिए। जैसे मुझे हर दिन, हर रात नींद नहीं आती, मैं चाहती हूं क‍ि दोषियों का भी यही हाल हो।"

वहीं कोलकाता में बीते बुधवार शाम को नागरिक एकजुटता का एक अनूठा और शक्तिशाली प्रदर्शन देखने को मिला, जब आरजी कर अस्पताल में महिला चिकित्सक की हत्या के विरोध में यहां के निवासियों ने रात 9 बजे से 10 बजे तक एक घंटे के लिए अपने घरों की लाइट बंद कर दीं और सड़कों पर कैंडल मार्च निकाला। रात ठीक 9 बजे विक्टोरिया मेमोरियल और राजभवन जैसे प्रमुख स्थल, शहर, उपनगर और जिलों के घर विरोध प्रदर्शन के हिस्से के रूप में अंधेरे में डूब गए।

इसके साथ ही बंगाल के राज्यपाल सी.वी.आनंद बोस ने भी राजभवन में मोमबत्ती जलाई और कहा, ‘‘जब प्रकाश से भय लगता है, तो अंधकार प्रिय होता है।'' राज्यपाल बोस ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कहा कि वह आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या मामले पर गुस्साए लोगों की भावनाओं को शांत करने के लिए ठोस कदम उठाएं। बोस ने ममता बनर्जी को राज्य में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने तथा महिलाओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देने के लिए कहा।

इस बाबत पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भी देर शाम को सड़कों पर उतरकर लोगों ने विरोध-प्रदर्शन किया, जिसमें मशालें, मोमबत्तियां और यहां तक कि मोबाइल फोन की लाइट जलाकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की पीड़िता के लिए न्याय की मांग की। विरोध-प्रदर्शन का आह्वान करने वाले ‘पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट' ने इसे ‘लेट देयर बी लाइट, लेट देयर बी जस्टिस' का नाम दिया था।

जानकारी दें कि सुप्रीम कोर्ट में आगामी 5 सितंबर को होने वाली सुनवाई से ठीक पहले यह विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस मामले का शीघ्र निपटारा किया जाए ताकि न्याय में और देरी न हो। इस मामले की सुनवाई वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट की पीठ द्वारा की जा रही है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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