देश में अब दौड़ेगी हाइड्रोजन ट्रेन, किस रूट पर चलेगी और कितनी स्पीड?

Hydrogen Train: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जींद-सोनीपत रूट पर चलेगी। चेन्नई में बनी यह ट्रेन 110-140 किमी/ घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। इसमें 2,638 लोग सफर कर सकेंगे। यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलेगी।
Hydrogen train will now run in the country, on which route will it run and at what speed?
हाइड्रोजन ट्रेन। इमेज-सोशल मीडिया
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India First Hydrogen Train: देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन वीरवार की शाम को यहां पहुंच गई। जींद-सोनीपत रूट पर ये ट्रेन चलेगी। इसी माह के अंत तक पटरी पर आने की उम्मीद है। चेन्नई की इंटीग्रल फैक्ट्री में तैयार की गई ये ट्रेन दिल्ली के शकूरबस्ती स्टेशन पर खड़ी थी। जहां से दिल्ली-बठिंडा रेल ट्रैक से होते ये ट्रेन जींद पहुंची है।

ट्रेन में दो डीपीसी (ड्राइवर पावर कार) और आठ यात्री बोगियां हैं। जल्द ही जींद रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का लोड चेक के लिए फाइनल ट्रायल होगा। उसके बाद रेलवे आरडीएसओ (रिसर्च डिज़ाइन एंड स्टैंडर्ड आर्गेनाइजेशन) और ग्रीन एच कंपनी के अधिकारी रिपोर्ट बनाएंगे। इस रिपोर्ट पर पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद ट्रेन का संचालन शुरू हो जाएगा।

140 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी

ट्रेन 110 से 140 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी। ये पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो देश में बाकी जगहों पर भी हाइड्रोजन ट्रेन चलाई जाएंगी। ट्रेन में एक बार में 2,638 यात्री सफर कर सकेंगे। हैदराबाद स्थित रेलवे की मेधा सर्वो ड्राइव्स कंपनी ने हाइड्रोजन स्टेशन बनाने और रुफ्यूलिंग के लिए ग्रीन एच इलेक्ट्रोलिसिस के साथ अनुबंध किया हुआ है। ग्रीन एच द्वारा झज्जर में संयंत्र से हाइड्रोजन उत्पादन से संबंधित माल सप्लाई की जाएगी। अब तक दूसरे देशों में 500 से 600 हार्सपावर की क्षमता वाली हाइड्रोजन ट्रेन बनाई गई हैं। इस ट्रेन के लिए हाइड्रोजन ट्रेन में 1200 हार्सपावर की क्षमता वाला इंजन तैयार किया गया है।

शून्य कार्बन उत्सर्जन

हाइड्रोजन फ्यूल सेल द्वारा संचालित ये ट्रेन डीजल ट्रेनों के उलट इमिशन के रूप में सिर्फ पानी और हीट जनरेट करती हैं। यह ट्रेन पारंपरिक डीजल ट्रेनों का एक पर्यावरण एवं अनुकूल विकल्प है। जो शून्य कार्बन उत्सर्जन करती है। इसके इंजन धुएं के बजाय पानी और भाप छोड़ेंगे, जिससे प्रदषण नहीं फैलेगा। हाइड्रोजन ट्रेन में आवाज नहीं होगी। जींद से सोनीपत की दूरी 89 किलोमीटर है।

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120 करोड़ से बनाया हाइड्रोजन प्लांट

जींद जंक्शन पर 120 करोड़ से दो हजार वर्ग मीटर एरिया में बनाए हाइड्रोजन गैस प्लांट में टेस्टिंग का काम चल रहा है। इसमें 10 दिन लगेंगे। प्लांट में जमीन के नीचे हाइड्रोजन गैस का भंडारण तैयार किया गया है। इसमें तीन हजार किलोग्राम गैस भंडारण की क्षमता है। प्लांट को हर घंटे 40 हजार लीटर पानी की जरूरत पड़ेगी। स्टेशन की छतों का बारिश का पानी भी प्लांट तक पहुंचाया जाएगा। हाइड्रोजन गैस और ऑक्सीजन को अलग करने के बाद वेस्ट पानी का प्रयोग रेलवे कोचों की सफाई व सिंचाई में प्रयोग किया जा सकेगा।

अभी सीएनजी से चल रही ट्रेन

जींद-सोनीपत पर ट्रेन सीएनजी से चल रही है। ट्रेनों को बिजली, डीजल और सीएनजी के बजाय बहुत कम लागत वाली हाइड्रोजन गैस से चलाना केंद्र सरकार का महत्चाकांक्षी परियोजना है। हाइड्रोजन प्लांट का जो थोड़ा बहुत काम बाकी है, उसको तेजी से पूरा किया जा रहा है।

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