

Indian Space Travel Will Celebrated Tomorrow: भारत कल यानि शनिवार को प्रधानमंत्री के नेतृत्व में दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाने जा रहा है। यह दिन सैटेलाइट से लेकर ह्यूमन स्पेसफ्लाइट तक देश की संपूर्ण यात्रा का जश्न मानने के लिए एक विशेष दिन है।
इस खास मौके पर केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 23 अगस्त 2023 को भारत ने चंद्रमा पर उतरने वाले चौथे और उसके दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाले पहले देश के रूप में इतिहास रच दिया। यह एक ऐसा क्षण था, जिसने भविष्य में आगे बढ़ने को लेकर हमसभी को प्रेरित किया।
डॉ. जितेंद्र सिंह कहते हैं कि 'कल हम दूसरा राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाएंगे, जो सैटेलाइट से लेकर ह्यूमन स्पेसफ्लाइट तक के भारत के सफर और देश की अनंत संभावनाओं के नजरिए को लेकर हमारे लिए हमेशा से खास होगा। भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र देश के तकनीकी और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में एक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
साल 2020 में ऐतिहासिक अंतरिक्ष सुधारों के साथ ही मोदी सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र को उदार बनाया है। इसी वर्ष प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस) का गठन किया गया है। वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र में सुधारों की घोषणा के बाद से ही रजिस्टर्ड अंतरिक्ष स्टार्टअप्स की संख्या तेजी से बढ़कर 300 से अधिक हो गई है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष वी. नारायणन के अनुसार, गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन का पहला मानवरहित मिशन, जी1, अर्ध-मानव रोबोट व्योममित्र के साथ लॉन्च के लिए तैयार है। इसका लॉन्च दिसंबर में होने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय राजधानी में शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में उन्होंने भारतीय वायु सेना ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर उनके सफल मिशन की सराहना की। उनका मानना है कि, यह किसी भी भारतीय द्वारा किया गया पहला मिशन है। शुभांशु शुक्ला मानवयुक्त गगनयान मिशन के लिए चुने गए अंतरिक्ष यात्रियों में से एक हैं।