200 दिन पूरे होने पर आज किसान महापंचायत, 3 अक्तूबर को देश भर में रेल रोको आंदोलन

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आगामी 3 अक्टूबर को देश भर में दो घंटे के लिए रेल रोको आंदोलन करेंगे। वे आज उत्तर प्रदेश के संभल में, 15 सितंबर को हरियाणा के जींद के उचाना में और 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र में किसान महापंचायत आयोजित करेंगे।
200 दिन पूरे होने पर आज किसान महापंचायत, 3 अक्तूबर को देश भर में रेल रोको आंदोलन
(डिज़ाइन फोटो)
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नई दिल्ली: जहां एक तरफ दिल्ली कूच के लिए संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा की ओर बीते 13 फरवरी से हरियाणा से सटे पटियाला के शंभू और संगरूर जिले के खनौरी बार्डर पर दिया जा रहा धरना बीते शनिवार को 200वें दिन में प्रवेश कर गया है।वहीं किसानों के इस धरने के चलते लोगों को हो रही परेशानी का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच जाने के बावजूद अभी तक इसका कोई समाधान नहीं निकला है। किसानों ने शंभू और खनौरी में घोषणा की कि वे हरियाणा विधानसभा चुनाव में भाजपा का विरोध करेंगे।

इसके साथ ही मोर्चे में जुटे किसान उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी कांड के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए आगामी 3 अक्टूबर को देश भर में दो घंटे के लिए रेल रोको आंदोलन करेंगे। इसके अलावा वे आगामी 15 सितंबर को जींद व 22 सितंबर को पीपली में महापंचायत करेंगें। बता दें कि लखीमपुर खीरी में किसानों के धरना प्रदर्शन के दौरान एक तेज रफ्तार कार की टक्कर से कुछ किसानों की मौत हो गई थी।

इधर बीते शुक्रवार को शंभू और खनौरी में किसानों की जनसभा में पहुंचीं ओलंपियन विनेश फोगाट ने केंद्र सरकार से किसानों की बात सुनने का आग्रह किया। हालांकि विधानसभा चुनाव लड़ने के संबंध में फोगाट ने कुछ भी बोलने से इनकार किया।

बीते शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने अपने “दिल्ली चलो” मार्च के 200 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में यहां किसान महापंचायत का आयोजन किया था। किसान संगठनों ने दिल्ली चलो मार्च न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी सहित अन्य मांगों को लेकर दबाव बनाने के लिए शुरू किया था।

यहां विनेश फोगाट ने अपने संबोधन में किसानों को समर्थन देते हुए कहा, ‘‘मैं आपको बताना चाहती हूं कि आपकी बेटी आपके साथ है।'' उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की मांगें ‘अवैध' नहीं हैं। एक सवाल का जवाब देते हुए महिला पहलवान ने कहा कि यह दुखद है कि 200 दिन बीत जाने के बावजूद प्रदर्शनकारी किसान सड़कों पर बैठे हुए हैं क्योंकि उनकी मांगें नहीं मानी गई हैं।

इन सबके इतर किसान नेताओं ने कहा कि वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।उन्होंने कहा कि वे आज यानी 1 सितंबर को उत्तर प्रदेश के संभल में, 15 सितंबर को हरियाणा के जींद के उचाना में और 22 सितंबर को कुरुक्षेत्र में किसान महापंचायत आयोजित करेंगे। उन्होंने कहा कि इन महापंचायतों में बड़ी संख्या में किसान भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि किसान हरियाणा में भाजपा सरकार के कथित “किसान विरोधी” कदमों के बारे में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसके साथ ही किसान नेताओं ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 2021 की हिंसा के पीड़ितों के लिए न्याय की मांग के लिए आगामी 3 अक्टूबर को दो घंटे के लिए देशव्यापी ‘रेल रोको' विरोध प्रदर्शन करने की भी घोषणा की।

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