

चरखी दादरीः हरियाणा के चरखी दादरी जिले में भाजपा नेता व पूर्व कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह आने वाले हैं। उनके हरियाणा की धरती पर कदम रखने से पहले मामला गर्म हो गया है। किसानों ने बृजभूषण के विरोध का तगड़ा प्लान बनाया है। किसान नेता ने कहा ने बृजभूषण शरण सिंह से हरियाणा न आने की अपील की है।
चरखी दादरी के बौंदकला गांव में एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला पहलवान रचना परमार के लिए सम्मान समारोह आयोजित किया गया है। 6 जुलाई को होने वाले इस सम्मान समारोह में भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष भी शिरकत करेंगे। यह खबर जैसे ही किसानों को मिली विरोध शुरू हो गया।
किसान संगठनों ने कहा-बृजभूषण का चरखी दादरी आने जनभावनाओं के विरुद्ध
किसान संगठनों ने विधायक व सांसद से भी आयोजन में न आने की अपील की है। इन नेताओं का कहना है कि बृजभूषण ने विनेश फोगाट व दूसरे महिला पहलवानों का अपमान किया है। दादरी विनेश का गृह जिला है। ऐसे में बृजभूषण का आना जनभावनाओं के विरुद्ध है। एमएसपी गारंटी कानून मोर्चा के प्रदेश संयोजक जगबीर घसोला ने कहा कि बृजभूषण के आने से लोगों में रोष है। अगर बृजभूषण यहां आएंगे तो टकराव पैदा हो सकता है।
विनेश ने चरखी दादरी शुरु की थी रेसलिंग
बता दें कि चरखी दादरी ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट पैतृक जिला है। यहीं रहकर वह शुरुआती दिनों में पहलवानी करती थीं। विनेश, साक्षी और बजरंग पुनिया ने कथित महिला पहलवानों के यौन शोषण के खिलाफ बृजभूषण के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। मामला अभी कोर्ट में है। ऐसे में बृजभूषण का हरियाणा के चरखी दादरी में आना लोगों को नागवार लग रहा है।
बजरंग पुनिया और विनेश की सियासत में एंट्री
वर्तमान में विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया कांग्रेस पार्टी में हैं। विनेश जींद के जुलाना से विधायक हैं और बजरंग पुनिया कांग्रेस किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। साक्षी मलिक अभी तक राजनीति से दूर हैं, लेकिन तीनों पहलवान अभी भी महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले पर एक होकर कोर्ट में लड़ाई लड़ रहे हैं।
इस विवाद के कारण बृजभूषण शरण सिंह को भाजपा ने 2024 लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं दिया। साथ ही उन्हें कुश्ती संघ भी छोड़ना पड़ा। हालांकि अभी बृजभूषण के करीबी संजय सिंह कुश्ती संघ के अध्यक्ष हैं।