- Hindi News »
- India »
- Educate Girls Wins Ramon Magsaysay Award Safeena Husain Makes India Proud
एक जिद, एक मिशन और भारत के लिए ऐतिहासिक गौरव! ‘एजुकेट गर्ल्स’ ने जीता एशिया का नोबेल
Indian NGO को रेमन मैग्सेसे फाउंडेशन की तरफ से स्कूल न जाने वाली लड़कियों को शिक्षित करने की दिशा में काम करने के लिए पुरुस्कृत किया। यह पुरस्कार जीतने वाली ये पहली भारतीय गैर-लाभकारी संस्था है।
- Written By: सौरभ शर्मा

'एजुकेट गर्ल्स' को मिला रेमन मैग्सेसे पुरस्कार (फोटो- सोशल मीडिया)
Indian NGO Won Ramon Magsaysay Award: यह भारत के लिए एक ऐतिहासिक और गौरव का क्षण है। देश की गैर-लाभकारी संस्था ‘एजुकेट गर्ल्स’ ने प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार जीतकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह सम्मान पाने वाली यह पहली भारतीय गैर-लाभकारी संस्था है, जिसने अपने काम से लाखों लड़कियों के जीवन को एक नई दिशा दी है। इस जीत ने न केवल इस संस्था के प्रयासों को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई है, बल्कि भारत में लड़कियों की शिक्षा के लिए चल रहे अभियानों को भी एक नई ऊर्जा दी है।
‘एजुकेट गर्ल्स’ की यह कहानी सफीना हुसैन के एक बड़े सपने से शुरू होती है। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ीं सफीना ने अमेरिका में अपनी आरामदायक जिंदगी छोड़कर 2005 में भारत लौटने का फैसला किया। उनका एकमात्र लक्ष्य जमीनी स्तर पर काम करके देश में महिला निरक्षरता की चुनौती का सामना करना था। इसी सोच के साथ उन्होंने 2007 में राजस्थान के दूरदराज के गांवों से ‘एजुकेट गर्ल्स’ नामक संस्था की शुरुआत की, ताकि उन लड़कियों को सशक्त बनाया जा सके जो स्कूल नहीं जा पाती थीं।
लाखों लड़कियों के जीवन में लाई रोशनी
सफीना हुसैन की इस पहल ने धीरे-धीरे एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया। संस्था ने उन गांवों पर ध्यान केंद्रित किया जहां लड़कियों को स्कूल भेजना एक बड़ी चुनौती थी। अपने समर्पित प्रयासों के माध्यम से, ‘एजुकेट गर्ल्स’ ने अब तक 11 लाख से ज़्यादा लड़कियों का स्कूलों में दाखिला कराया है और पूरे भारत में 1.55 करोड़ से ज़्यादा लोगों के जीवन पर पॉजिटिव इंपैक्ट डाला है। यह संस्था न केवल लड़कियों को कक्षाओं तक लाती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि वे अपनी पढ़ाई जारी रखें। इसके लिए संस्था समुदायों के साथ मिलकर उन सांस्कृतिक बाधाओं और पुरानी सोच को बदलने का काम करती है जो लड़कियों की तरक्की में रुकावट बनती हैं। संस्था की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन लड़कियों का दाखिला कराया गया, उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखती हैं। 2015 में, संस्था ने शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया का पहला ‘विकास प्रभाव बांड’ भी लॉन्च किया, जिसने वित्तीय मदद को सीधे नतीजों से जोड़ा।
सम्बंधित ख़बरें
29 अप्रैल के बाद बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? राहुल गांधी का बड़ा दावा, तेल की कीमतों पर मचा सियासी घमासान
ग्रीस में 89 वर्षीय बुजुर्ग का खूनी खेल: एथेंस के सरकारी दफ्तर और कोर्ट में की अंधाधुंध गोलीबारी, कई घायल
रूस से भारत आ रहा ‘अभेद्य’ S-400 मिसाइल सिस्टम, राजस्थान बॉर्डर पर होगी तैनाती! दुश्मन की हर हरकत पर रहेगी नजर
Hormuz Blockade: अमेरिकी नाकाबंदी के बाद भी सीक्रेट रास्तों के जरिए मुंबई पहुंच रहे हैं भारतीय जहाज
यह भी पढ़ें: ’89 लाख शिकायतों की अनदेखी’, कांग्रेस की बिहार में फिर से SIR कराने की मांग; खेड़ा का बड़ा आरोप
एशिया के सर्वोच्च सम्मान ने सराहा काम
रेमन मैग्सेसे पुरस्कार फाउंडेशन ने ‘एजुकेट गर्ल्स’ के काम की सराहना करते हुए कहा कि यह पुरस्कार संस्था को लड़कियों की शिक्षा के माध्यम से सांस्कृतिक बाधाओं को दूर करने और उन्हें अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए कौशल और साहस देने की प्रतिबद्धता के लिए दिया गया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर, संस्थापक सफीना हुसैन ने कहा, “यह सम्मान पाना ‘एजुकेट गर्ल्स’ और देश के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह मान्यता भारत में लड़कियों की शिक्षा के लिए चल रहे जन-आंदोलन पर वैश्विक प्रकाश डालती है।” सफीना हुसैन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता हंसल मेहता की पत्नी हैं, जो सामाजिक मुद्दों पर फिल्में बनाने के लिए जाने जाते हैं। इस पुरस्कार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही इरादे और कड़ी मेहनत से समाज में कितना बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।
Educate girls wins ramon magsaysay award safeena husain makes india proud
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
Ayushmann Khurrana ने ‘प्रजापति पांडे’ से उठाया पर्दा, ‘पति पत्नी और वो दो’ में दिखेगा कन्फ्यूजन का तड़का
Apr 28, 2026 | 08:58 PM29 अप्रैल के बाद बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम? राहुल गांधी का बड़ा दावा, तेल की कीमतों पर मचा सियासी घमासान
Apr 28, 2026 | 08:45 PMOPEC से UAE की विदाई: क्या भारत में महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल? जानें कच्चे तेल के बाजार में मचे भूचाल के मायने
Apr 28, 2026 | 08:37 PMRani Mukerji ने ‘मर्दानी 3’ की सफलता पर जताई खुशी, बोलीं- शिवानी शिवाजी रॉय बन चुकी है लोगों की आवाज
Apr 28, 2026 | 08:24 PMबुलढाणा में भारी तनाव सैकड़ों प्रदर्शनकारी पुलिस की हिरासत में…
Apr 28, 2026 | 08:22 PMराष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने 21 राज्यों को लू से बचाव के दिए निर्देश, कमजोर वर्गों की रक्षा करने का किया आह्वान
Apr 28, 2026 | 08:19 PMBhandara News: मृत महिला के नाम पर हुआ मतदान, निष्पक्ष जांच की मांग
Apr 28, 2026 | 08:17 PMवीडियो गैलरी

काशी में PM मोदी का मेगा शो! 6332 करोड़ की सौगात और ‘नारी शक्ति’ का हुंकार, बदल जाएगा पूर्वांचल
Apr 28, 2026 | 01:43 PM
Pappu Yadav on BJP: ‘ED-CBI का डर दिखाकर विरोधियों को खत्म कर रही भाजपा’, पप्पू यादव ने सरकार पर साधा निशाना
Apr 27, 2026 | 10:28 PM
बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता की महिलाओं ने भरी हुंकार, हजार रुपये नहीं, हमें सुरक्षा और रोजगार चाहिए- VIDEO
Apr 27, 2026 | 10:16 PM
टीएमसी सांसद मिताली बाग पर जानलेवा हमला! फूट-फूट कर रोते हुए बताया कार में हुआ खौफनाक मंजर
Apr 27, 2026 | 10:16 PM
पैरेंट्स को ‘SHUT UP’ बोलने वाली प्रिंसिपल ने तोड़ी चुप्पी, कहा कि 3 घंटे पहले जो हुआ वो किसी ने नहीं देखा
Apr 27, 2026 | 10:09 PM
MP के कटनी में मानवता शर्मसार, मौत से जूझ रहा था पति; एंबुलेंस कर्मी ने बेबस पत्नी से धुलवाई गाड़ी- VIDEO
Apr 27, 2026 | 10:08 PM













