- Hindi News »
- India »
- Cji Sanjiv Khanna Emphasized On Judicial Reforms Talked About Making Courts More User Friendly
CJI संजीव खन्ना ने न्यायिक सुधारों पर दिया जोर, अदालतों को और अधिक यूजर फ्रेंडली बनाने की कही बात
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने अदालतों को "सुलभ और यूजर्स के फ्रेंडली" बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया और कहा कि न्यायपालिका शासन प्रणाली का एक अभिन्न, फिर भी अलग और स्वतंत्र हिस्सा है।
- Written By: विकास कुमार उपाध्याय

सीजेआई संजीव खन्ना (सोर्स-सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : नागरिक केंद्रित एजेंडे के साथ, भारत के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना ने अदालतों को “सुलभ और यूजर्स के फ्रेंडली” बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया और कहा कि न्यायपालिका शासन प्रणाली का एक अभिन्न, फिर भी अलग और स्वतंत्र हिस्सा है। चुनौतियों का समाधान करते हुए, 51वें मुख्य न्यायाधीश ने लंबित मामलों से निपटने, मुकदमेबाजी को अफॉरडेबल और सुलभ बनाने और जटिल कानूनी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की आवश्यकता की पहचान की।
बता दें, जस्टिस खन्ना ने आज भारत के 51वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जस्टिस खन्ना को सीजेआई पद की शपथ दिलाई। लोकतंत्र के तीसरे विंग का नेतृत्व करने में अपार सम्मान व्यक्त करते हुए, CJI खन्ना ने जोर देकर कहा कि “न्यायपालिका शासन प्रणाली का एक अभिन्न, फिर भी अलग और स्वतंत्र हिस्सा है। संविधान हमें संवैधानिक संरक्षक, मौलिक अधिकारों के रक्षक और न्याय के सेवा प्रदाता होने के महत्वपूर्ण कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी देता है”।
CJI का लक्ष्य एक आत्म-मूल्यांकन दृष्टिकोण अपनाना है जो अपने कामकाज में फीडबैक के प्रति ग्रहणशील और उत्तरदायी है। नागरिकों के लिए निर्णय को समझना और मध्यस्थता को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता होगी। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “हमें सौंपी गई जिम्मेदारी नागरिकों के अधिकारों के रक्षक और विवाद समाधानकर्ता के रूप में हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करती है। हमारे महान राष्ट्र के सभी नागरिकों के लिए न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना हमारा संवैधानिक कर्तव्य है।”
सम्बंधित ख़बरें
महाभियोग से पहले जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा, कैश कांड के बाद हुआ था ट्रांसफर
मंदिरों के प्रसाद में शराब पर रोक नहीं, सबरीमाला केस में सरकार का बड़ा तर्क; धर्म और परंपरा पर छिड़ी नई बहस
आखिर क्यों CJI सूर्यकांत को मोबाइल लेकर पहुंचना पड़ा सुप्रीम कोर्ट, बोले- जिंदगी में पहले कभी ऐसा नहीं किया
सुप्रीम कोर्ट में न्याय की जंग, क्या संविधान तय करेगा धर्म का स्वरूप? 9 जजों के सामने वकीलों की तीखी दलीलें
यह भी पढ़ें – मुंबई में अमित शाह की बैठक के दौरान सुरक्षा में सेंध, एक व्यक्ति गिरफ्तार
मुख्य न्यायाधीश ने आपराधिक मामलों के प्रबंधन पर केंद्रित सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एक व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाकर मुकदमे की अवधि को कम करने और न्याय प्रदान करने की प्रणाली को इस तरह से स्थापित करने पर काम करने का लक्ष्य रखा कि कानून की प्रक्रिया “नागरिकों के लिए कष्टदायक न हो”, जो सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। मुख्य न्यायाधीश खन्ना ने आज न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ का स्थान लिया, जो बीते रविवार को सेवानिवृत्त हुए थे।
64 वर्षीय न्यायमूर्ति खन्ना भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में छह महीने का कार्यकाल पूरा करेंगे और उनके 13 मई, 2025 को सेवानिवृत्त होने की उम्मीद है। 14 मई, 1960 को जन्मे न्यायमूर्ति खन्ना ने 1983 में दिल्ली बार काउंसिल में एक वकील के रूप में नामांकन कराया था और शुरुआत में तीस हजारी परिसर में जिला अदालतों में और बाद में दिल्ली उच्च न्यायालय और न्यायाधिकरणों में वकालत की। आयकर विभाग के वरिष्ठ स्थायी वकील के रूप में उनका कार्यकाल लंबा रहा।
2004 में, उन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली के लिए स्थायी वकील (सिविल) के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्हें 2005 में दिल्ली उच्च न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया और 2006 में उन्हें स्थायी न्यायाधीश बनाया गया। न्यायमूर्ति खन्ना को 18 जनवरी, 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया था।
यह भी पढ़ें – दूरसंचार नियमों पर चर्चा के लिए TRAI ने बढ़ाया समय, जानिए क्या है लास्ट डेट
Cji sanjiv khanna emphasized on judicial reforms talked about making courts more user friendly
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
उत्तर प्रदेश की फाइनल वोटर लिस्ट जारी, करीब 2 करोड़ नाम कटे! कहीं आपका नाम तो गायब नहीं? ऐसे करें चेक
Apr 10, 2026 | 02:06 PMDhule में नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, एलसीबी की बड़ी कार्रवाई; आधी रात को छापा
Apr 10, 2026 | 02:01 PMनासिक IT कंपनी में धर्म परिवर्तन का खौफनाक खेल! लिपस्टिक छोड़ने से छत पर रंगरेलियां तक, SIT का बड़ा खुलासा
Apr 10, 2026 | 01:56 PMनागपुर में आचार्य प्रशांत का पहला सार्वजनिक सत्र संपन्न; अष्टावक्र गीता पर चर्चा और IIIT-VNIT में युवा संवाद
Apr 10, 2026 | 01:55 PMAnupama Spoiler: अनुपमा में आया नया तूफान, प्रेम का टूटा सपना, गौतम ने भड़काई नफरत की आग
Apr 10, 2026 | 01:54 PMNagpur NMC: ‘आपली बस’ के 3 ऑपरेटरों पर होगी FIR, बसों के ‘चेसिस’ चोरी होने पर 32 लाख की वसूली
Apr 10, 2026 | 01:54 PMफिर लौटी मिडिल क्लास की फेवरेट Pulsar 180, सस्ती कीमत में दमदार बाइक
Apr 10, 2026 | 01:49 PMवीडियो गैलरी

बेंगलुरु की सड़क पर जोंबी जैसा खड़ा दिखा युवक! क्या भारत में आ गया अमेरिका वाला खतरनाक ड्रग? वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:53 PM
इटावा रेलवे स्टेशन पर शर्मनाक! भगवाधारी बुजुर्ग को चोटी पकड़कर घसीटा, बेरहमी से पिटाई का वीडियो वायरल
Apr 09, 2026 | 09:32 PM
ममता बनर्जी को हराने के लिए 1000 करोड़ की साजिश! बंगाल राजनीति का सबसे बड़ा वीडियो लीक, ED जांच की मांग
Apr 09, 2026 | 09:26 PM
ममता का मास्टरप्लान या भाजपा की अंदरूनी कलह? पहले चरण की वोटिंग से पहले बदल गया पूरा नैरेटिव!
Apr 09, 2026 | 07:08 AM
कानपुर के ‘किडनी कांड’ को लेकर अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कही बड़ी बात
Apr 08, 2026 | 10:49 PM
SDM के सामने जल निगम अधिकारियों पर क्यों भड़के भाजपा विधायक रत्नाकर मिश्रा
Apr 08, 2026 | 10:37 PM














