Nagpur Crime: वाहन चोरी करते ही एमपी में बिक्री, चर्चित वाहन चोर से 27 दोपहिया वाहन बरामद

Bike Theft Gang: नागपुर में क्राइम ब्रांच ने वाहन चोरी कर मध्यप्रदेश में बेचने वाले हिस्ट्रीशीटर आरोपी को गिरफ्तार कर 27 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत 16.50 लाख रुपये है।
Bike Theft Gang Busted in Pandharkawada
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मिडिया)
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Nagpur Vehicle Theft: नागपुर शहर से वाहन चोरी करते ही आरोपी तत्काल उसे मध्यप्रदेश में अपने भाई के सुपुर्द कर देता था, जहां ग्रामीण इलाकों में औने-पौने दामों पर वाहनों की बिक्री की जाती थी। पिछले कुछ महीनों से लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहे एक हिस्ट्रीशीटर वाहन चोर को क्राइम ब्रांच यूनिट-1 की टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने 27 दोपहिया वाहन जब्त किए हैं।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान पांच झोपड़ा, मिनीमातानगर निवासी राहुल सुखचंद खाकरे उर्फ ठाकरे (43) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मध्यप्रदेश के बैतुल जिले का निवासी है। एक सप्ताह पहले ही उसने एमआईडीसी थाना क्षेत्र अंतर्गत वानाडोंगरी में श्रीकांत वालके के घर के सामने खड़ी मोटरसाइकिल चोरी की थी। इस मामले में एमआईडीसी पुलिस थाने में अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था।

पहले से दर्ज हैं 63 मामले

राहुल के खिलाफ वाहन चोरी के कुल 63 मामले पहले से दर्ज हैं। एमआईडीसी थाना क्षेत्र में हालिया चोरी के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-1 ने सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों पर ध्यान केंद्रित किया। कुछ महीने पहले ही राहुल एक मामले में जेल से रिहा हुआ था, इसलिए पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान सामने आया कि वह बार-बार मध्यप्रदेश जाता और एक ही दिन में लौट आता था। सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से यह स्पष्ट हुआ कि राहुल दोबारा वाहन चोरी की वारदातों में सक्रिय है।

आरोपी से पूछताछ

हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने वाठोड़ा से 3, नंदनवन और कोराड़ी थाना क्षेत्र से 2-2, हुड़केश्वर, कपिलनगर, गणेशपेठ, खापरखेड़ा, वाड़ी, पारडी और कलमना थाना क्षेत्रों से 1-1 वाहन चोरी करने की कबूलियत दी। इसके अलावा उसने अमरावती जिले में 4 और मौदा थाना क्षेत्र में 1 वाहन चोरी करने की भी जानकारी दी।

भाई करता था चोरी के वाहन बेचने का काम

पूछताछ में राहुल ने बताया कि वाहन चोरी करते ही वह सीधे मध्यप्रदेश चला जाता था और चोरी के वाहन अपने भाई दिनेश को सौंप देता था। दिनेश ग्रामीण क्षेत्रों में इन वाहनों को आधे से भी कम दामों पर बेच देता था। कागजात देने के बहाने वह खरीदारों से 10 से 12 हजार रुपये लेकर फरार हो जाता था। पुलिस को चार ऐसे वाहन भी मिले हैं, जिनके असली मालिकों का अब तक पता नहीं चल सका है।

इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 16.50 लाख रुपये कीमत के वाहन जब्त किए हैं। यह कार्रवाई डीसीपी राहुल माकणीकर और एसीपी अभिजीत पाटिल के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर ज्ञानेश्वर भेदोड़कर, एपीआई राजा जाधव, पीएसआई ओमप्रकाश कोठे सहित क्राइम ब्रांच यूनिट-1 की टीम ने अंजाम दी।

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