MD Drugs Seizure MP: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा में नशे के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी स्ट्राइक हुई है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की उज्जैन टीम ने आमला गांव की एक नर्सरी में चल रही अवैध मेफेड्रॉन (MD) लैब का भंडाफोड़ किया। टीम ने मौके से करोड़ों का नशीला पदार्थ, भारी मात्रा में केमिकल और वाहन बरामद किए हैं।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (वित्त मंत्रालय) की मध्य प्रदेश इकाई को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि आगर-मालवा के आमला गांव के आंतरिक इलाके में स्थित एक नर्सरी में नशे का अवैध कारोबार हो रहा है।, सूचना थी कि शनिवार सुबह 5 से 10 बजे के बीच नशीले पदार्थ ‘मेफेड्रॉन’ (MD) का एक बड़ा बैग सप्लाई किया जाना है। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उज्जैन प्रकोष्ठ के अधीक्षक मुकेश खत्री और नीमच-जावरा के अधीक्षक वी. एस. कुमार के नेतृत्व में टीम ने सुबह करीब 4:30 बजे ही नर्सरी की घेराबंदी कर ली।, टीम ने सुबह 10 बजे तक किसी अंतरराज्यीय तस्कर के आने का इंतजार किया, लेकिन जब कोई नहीं आया, तो टीम ने परिसर के अंदर धावा बोल दिया।
नर्सरी के भीतर तलाशी लेने पर नारकोटिक्स टीम दंग रह गई। वहां एक गुप्त क्लेंडस्टाइन लैब (Clandestine Lab) संचालित हो रही थी, जिसका उपयोग एमडी बनाने के लिए किया जाता था। अधिकारियों ने मौके से 31.250 किलोग्राम मेफेड्रॉन (MD) बरामद की है।, इसके अतिरिक्त, एमडी बनाने में उपयोग होने वाले लगभग 600 किलो विभिन्न प्रकार के केमिकल भी जब्त किए गए हैं। इन केमिकल्स में मुख्य रूप से एमडीसी (MDC), एमएमए (MMA), ट्राईथाइलमाइन (Triethylamine), एचसीएल (HCl), सोडियम कार्बोनेट और सोडियम एसिटेट जैसे खतरनाक पदार्थ शामिल हैं। बरामद किए गए नशे और संसाधनों की कुल कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
छापेमारी के दौरान न केवल नशीले पदार्थ, बल्कि ड्रग्स तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण और मशीनें भी पाई गईं। टीम ने नशीले पदार्थों और रसायनों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले एक वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। जांच के दौरान अब तक तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जिनकी संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं।, अधीक्षक मुकेश खत्री ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि यह माल कहीं बेचा गया था, अब विभाग अनुसंधान कर रहा है कि इसके पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और यह किसे बेचा जाना था।
नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, यह इस क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस अवैध लैब में कितने मजदूर और वर्कर काम कर रहे थे और उनके पीछे किसका हाथ है। मामले के सभी तथ्यों की जांच के बाद उप-नारकोटिक्स आयुक्त द्वारा विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
MD Drugs Seizure MP: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा में नशे के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी स्ट्राइक हुई है। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) की उज्जैन टीम ने आमला गांव की एक नर्सरी में चल रही अवैध मेफेड्रॉन (MD) लैब का भंडाफोड़ किया। टीम ने मौके से करोड़ों का नशीला पदार्थ, भारी मात्रा में केमिकल और वाहन बरामद किए हैं।
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (वित्त मंत्रालय) की मध्य प्रदेश इकाई को एक गोपनीय सूचना मिली थी कि आगर-मालवा के आमला गांव के आंतरिक इलाके में स्थित एक नर्सरी में नशे का अवैध कारोबार हो रहा है।, सूचना थी कि शनिवार सुबह 5 से 10 बजे के बीच नशीले पदार्थ ‘मेफेड्रॉन’ (MD) का एक बड़ा बैग सप्लाई किया जाना है। इस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उज्जैन प्रकोष्ठ के अधीक्षक मुकेश खत्री और नीमच-जावरा के अधीक्षक वी. एस. कुमार के नेतृत्व में टीम ने सुबह करीब 4:30 बजे ही नर्सरी की घेराबंदी कर ली।, टीम ने सुबह 10 बजे तक किसी अंतरराज्यीय तस्कर के आने का इंतजार किया, लेकिन जब कोई नहीं आया, तो टीम ने परिसर के अंदर धावा बोल दिया।
नर्सरी के भीतर तलाशी लेने पर नारकोटिक्स टीम दंग रह गई। वहां एक गुप्त क्लेंडस्टाइन लैब (Clandestine Lab) संचालित हो रही थी, जिसका उपयोग एमडी बनाने के लिए किया जाता था। अधिकारियों ने मौके से 31.250 किलोग्राम मेफेड्रॉन (MD) बरामद की है।, इसके अतिरिक्त, एमडी बनाने में उपयोग होने वाले लगभग 600 किलो विभिन्न प्रकार के केमिकल भी जब्त किए गए हैं। इन केमिकल्स में मुख्य रूप से एमडीसी (MDC), एमएमए (MMA), ट्राईथाइलमाइन (Triethylamine), एचसीएल (HCl), सोडियम कार्बोनेट और सोडियम एसिटेट जैसे खतरनाक पदार्थ शामिल हैं। बरामद किए गए नशे और संसाधनों की कुल कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये आंकी गई है।
छापेमारी के दौरान न केवल नशीले पदार्थ, बल्कि ड्रग्स तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले लैब उपकरण और मशीनें भी पाई गईं। टीम ने नशीले पदार्थों और रसायनों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले एक वाहन को भी अपने कब्जे में ले लिया है। जांच के दौरान अब तक तीन लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है, जिनकी संलिप्तता के साक्ष्य मिले हैं।, अधीक्षक मुकेश खत्री ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह पता चला है कि यह माल कहीं बेचा गया था, अब विभाग अनुसंधान कर रहा है कि इसके पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है और यह किसे बेचा जाना था।
नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारियों के अनुसार, यह इस क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक है। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि इस अवैध लैब में कितने मजदूर और वर्कर काम कर रहे थे और उनके पीछे किसका हाथ है। मामले के सभी तथ्यों की जांच के बाद उप-नारकोटिक्स आयुक्त द्वारा विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल, सुरक्षा की दृष्टि से पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।






