

Bihar Hijab Controversy BJP Demand Face Verification: बिहार में हिजाब को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े विवाद के बीच अब भारतीय जनता पार्टी के नेता निखिल आनंद ने एक ऐसी मांग रख दी है जिसने नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अगर चेहरा नहीं दिखाया तो न परीक्षा देने दी जाए, न नौकरी मिले और न ही वोट डालने का अधिकार हो। हिजाब कंट्रोवर्सी के बीच आई इस मांग ने सूबे की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।
बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर केंद्र और बिहार सरकार से कड़े नियम बनाने की अपील की है। उनका कहना है कि नियुक्ति पत्र लेते समय या परीक्षा केंद्र में प्रवेश करते समय अभ्यर्थी की चेहरे के साथ वीडियोग्राफी अनिवार्य होनी चाहिए। यह बयान तब आया है जब पटना में एक कार्यक्रम के दौरान सीएम नीतीश द्वारा कथित तौर पर एक महिला डॉक्टर का हिजाब हटवाने का वीडियो वायरल हुआ, जिसे लेकर विपक्ष हमलावर है और माफी की मांग कर रहा है।
इस विवाद के बीच पाकिस्तान के डॉन शहजाद भट्टी का एक धमकी भरा वीडियो सामने आया है, जिसमें उसने मुख्यमंत्री को निशाना बनाया है। इस पर पलटवार करते हुए निखिल आनंद ने कहा कि नीतीश कुमार जन-जन के नेता हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि पाकिस्तानपरस्त, छद्म धर्मनिरपेक्ष और भारत में शरिया कानून का सपना देखने वाले लोग यह समझ लें कि पिछड़ा और अति पिछड़ा समाज अब चुप नहीं बैठेगा। पुलिस फिलहाल डॉन की धमकी वाले वायरल वीडियो की जांच कर रही है।
निखिल आनंद ने अपनी मांग में स्पष्ट किया कि किसी भी स्त्री या पुरुष को बिना चेहरा दिखाए किसी संस्थान में पढ़ाई या नौकरी की इजाजत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि नियुक्ति पत्र बांटते समय और परीक्षा केंद्रों पर एंट्री के वक्त चेहरे की वीडियोग्राफी कराई जाए। इतना ही नहीं, उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में भी पारदर्शिता लाने के लिए कहा कि बिना चेहरा देखे किसी को भी मतदान करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। एनडीए नेताओं का कहना है कि विपक्ष इस मुद्दे को बेवजह तूल दे रहा है।