

भागलपुर: बीहार के भागलपुर में सुलतानगंज-अगुवानी गंगा नदी पर बन रहा निर्माणाधीन फोरलेन पुल तीसरी बार गंगा नदी में शनिवार को ध्वस्त होकर गिर गया है। खबर के अनुसार सुल्तानगंज से अगुवानी घाट की तरफ से पिलर नंबर 9 और 10 के बीच का हिस्सा गंगा नदी में समा गया। इस महासेतु का निर्माण एसपी सिंगला कंपनी करा रही है। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में बन रहा यह पुल खगड़िया और भागलपुर जिला को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है।
इस बाबत स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पुल तीसरी बार गिरा है। बावजूद इसके निष्पक्ष जांच नहीं हो पा रही है। भागलपुर में सुलतानगंज-अगुवानी गंगा नदी गंगा नदीं में बाढ़ और तेज बहाव से पिलर संख्या 9 के ऊपर का स्ट्रक्चर का कुछ हिस्सा अचानक ढह कर पानी में जा समाया। स्ट्रक्चर जब पानी में गिरा तो लोग वहां पहुंचे। लोगों ने कहा कि यह पुल फिर गिर गया।
यह पढ़ें - 26/11 मुंबई हमले का आरोपी तहव्वुर राणा भारत को सौंपा जा सकता है, अमेरिकी अदालत ने सुनाया फैसला जानकारी दें कि बीते 30 अप्रैल 2022 के रात में हवा के झोंके से पिलर संख्या 5 गिरा था। फिर 4 जून 2023 को सुल्तानगंज से खगड़िया के अगुवानी गंगा घाट पर निर्माणाधीन पुल के पिलर नंबर 10, 11 और 12 अचानक गिरकर नदी में बह गए थे। पुल गिरने की इस घटना बिहार में खुब सियासी बवाल खड़ा हुआ था। पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने एक दूसरे पर भी तब सवाल खड़े किए थे।
जानकारी दें कि मामले पर पटना हाई कोर्ट का निर्देश है कि नई डिजाइन के मुताबिक पिलर संख्या 9 से 13 के बीच स्टील ब्रिज का निर्माण एसपी सिंगला द्वारा अपने खर्च पर किया जाएगा। इसको लेकर नए डिजाइन को मंजूरी भी मिली है जो पिलर संख्या 9 से 13 के बीच बनाया जाना है। लेकिन इसको लेकर काम शुरू नहीं हुआ था कि उससे पहले फिर एक बार पुल गंगा नदी में समा गया है।
हालांकि पुल गिरने की घटना बीहार के भवन विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की ओर गंभीर संकेत है। पुल गिरने की यह नई घटना, निर्माण कार्य में खराब गुणवत्ता वाला मेटेरियल का उपयोग और भूमि जांच में हुई जबरदस्त गड़बडी की बात को भी उजागर कर रहा है और इस तरह की घटना बिहार के नीतीश सरकार के सिस्टम पर गंभीर सवालिया निशाना उठा रही है।