जानिए क्या है सूखी खांसी के घरेलू नुस्खों (सौ.सोशल मीडिया)
Dry cough home remedies: सर्दियों का मौसम शुरु होते ही देश के अलग- अलग हिस्सों में ठंड पड़ना शुरू हो गई है। इस दौरान सर्दी और जुकाम के साथ ही खांसी की भी समस्या होने लगती है। लगातार सूखी खांसी गले को खुरदुरा कर देती है, जिससे बोलने में भी परेशानी होने लगती है। कुछ मामलों में डॉक्टर से सलाह लेना ठीक रहता है, लेकिन कई बार कुछ घरेलू नुस्खों से भी राहत मिल जाती है, जिनका जिक्र आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों में शामिल है। इन नुस्खों की खासियत यह है कि इसके साइड इफेक्ट नहीं होते।
आयुर्वेद एक्सपर्ट्स के अनुसार, सूखी खांसी से निजात पाने के लिए नमक और अदरक अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं। अदरक में एंटी-माइक्रोबियल गुण मौजूद होते हैं, जो बैक्टीरिया को खत्म करने में मददगार होते हैं।
छाती में जमे कफ के लिए ये एक रामबाण देसी नुस्खा है। इसके लिए अदरक को छीलकर छोटे-छोटे टुकड़े काटकर तवे पर घी में भूनकर उसपर सेंधा नमक डालकर गर्म-गर्म ही मुंह में डाल कर कुछ देर तक चूसें।
शहद को आयुर्वेद में औषधि और विज्ञान में नेचुरल कफ सप्रेसेंट माना जाता है। शहद गले पर एक हल्की परत बनाता है, जो गले की जलन को शांत करने का काम करती है और बार-बार होने वाली खांसी की कोशिश को रोकती है। इसमें मौजूद प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट शरीर की सुरक्षा बढ़ाते हैं, ताकि गले में होने वाली सूजन खुद ही कम होने लगे।
शहद लेने का सबसे आसान तरीका यही है कि एक चम्मच शहद को हल्के गर्म पानी में घोल ले और फिर धीरे-धीरे घूंट भरकर पिएं। गर्माहट गले को आराम देती है और शहद की मिठास खांसी को शांत करती है।
सूखी खांसी से निजात पाने के लिए आप तुलसी पत्ते का भी इस्तेमाल कर सकते है।आयुर्वेद में तुलसी को कफ को संतुलित करने वाला माना गया है। इसके पत्तों में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में जम चुके जीवाणुओं को खत्म करते हैं और गले की जलन को शांत करते हैं।
जब तुलसी को पानी में उबाला जाता है, तो इसके औषधीय गुण पानी में घुल जाते हैं और यह एक प्राकृतिक काढ़ा बन जाता है। इस काढ़े की गर्माहट और तुलसी की सुगंध, दोनों मिलकर खांसी को कम करने में काम आती हैं। इसमें थोड़ा नमक मिलाने से गले की सफाई और भी अच्छी तरह होती है।
आयुर्वेद में नमक का पानी गले की सूजन को कम करता है और गले में जमे हानिकारक बैक्टीरिया को कमजोर कर देता है। गरारे करने से गले की झिल्ली सिकुड़ती और फैलती है, जिससे खांसी की खुजली में कमी आती है। यह तरीका दिन में एक-दो बार अपनाया जाए तो खांसी काफी कम महसूस होने लगती है।
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भाप गले और नाक के अंदर जमी सूखी परतों को नमी देती है, जिससे खांसी की वजह बनने वाली जलन कम हो जाती है। आप चाहें तो इसमें पुदीना या नीलगिरी के तेल की कुछ बूंदें डाल सकते हैं। इनकी खुशबू और वाष्प गले की नली को खोलती है और सांस लेना आसान बनाती है।