CISF Raising Day 2026: क्या है CISF? एयरपोर्ट से लेकर परमाणु केंद्रों तक, जानें कैसे सुरक्षा करता है यह बल
CISF Raising Day History: भारत की महत्वपूर्ण संस्थाओं और संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की अहम भूमिका होती है।
- Written By: प्रीति शर्मा
सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात CISF के जवान (सौ. एआई)
Role Of CISF In India: हर साल 10 मार्च को भारत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का स्थापना दिवस मनाता है। गृह मंत्रालय के अधीन आने वाला यह बल न केवल हमारे हवाई अड्डों और मेट्रो की सुरक्षा करता है बल्कि देश के अति-संवेदनशील परमाणु संस्थानों और अंतरिक्ष केंद्रों का भी अजेय कवच है।
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की स्थापना आज ही के दिन यानी 10 मार्च 1969 को संसद के एक अधिनियम के माध्यम से की गई थी। शुरुआती दौर में इसकी कमान मात्र 3,129 कर्मियों के हाथ में थी और इसका मुख्य उद्देश्य देश के सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) को सुरक्षा प्रदान करना था। हालांकि समय के साथ बदलती चुनौतियों और आतंकवाद के खतरों को देखते हुए साल 1983 में इसे भारत का एक सशस्त्र बल घोषित कर दिया गया।
क्यों खास है 10 मार्च का दिन
10 मार्च का दिन उन हजारों जवानों के अनुशासन, शौर्य और समर्पण को समर्पित है जो बिना थके देश की संपत्ति की रक्षा करते हैं। आज CISF की ताकत बढ़कर लगभग 1.7 लाख से अधिक कर्मियों तक पहुंच चुकी है। वर्तमान में यह बल देश के 350 से अधिक रणनीतिक संस्थानों को सुरक्षा दे रहा है।
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हवाई अड्डे और मेट्रो: देश के 60 से अधिक अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई अड्डों के साथ-साथ दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा की जिम्मेदारी।
संवेदनशील संस्थान: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), इसरो (ISRO) के केंद्र और प्रमुख बंदरगाह।
वीआईपी सुरक्षा: देश के अति-विशिष्ट व्यक्तियों (VIPs) को ‘Z’ और ‘X’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करना।
निजी क्षेत्र: इन्फोसिस और रिलायंस जैसे बड़े निजी औद्योगिक समूहों को भी अब CISF सुरक्षा कवर दे रहा है।
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आधुनिक चुनौतियां और भविष्य की तैयारी
साल 2026 तक आते-आते CISF ने खुद को तकनीकी रूप से काफी उन्नत कर लिया है। अब यह बल केवल फिजिकल सिक्योरिटी तक सीमित नहीं है बल्कि साइबर सिक्योरिटी और एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी में भी महारत हासिल कर चुका है। हाइब्रिड सुरक्षा मॉडल्स के जरिए अब यह बल छोटे उद्योगों और उभरते हुए आर्थिक क्षेत्रों को भी सुरक्षा कवच प्रदान करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
संरक्षण एवं सुरक्षा के अपने आदर्श वाक्य के साथ CISF भारत के आर्थिक विकास का एक मौन प्रहरी है। 57 वर्षों का यह सफर दर्शाता है कि कैसे एक बल ने खुद को समय के साथ ढाला और आज वैश्विक स्तर पर सबसे बहुमुखी सुरक्षा बलों में से एक बन गया है।
