
दातून के इस्तेमाल के फायदे (सौ. सोशल मीडिया)
Ayurvedic Oral Care: कई सालों से दांतों की मजबूती और टूटने और गिरने से बचाने के लिए लोग दातून का इस्तेमाल करते आए है। हमारे बुजुर्ग आज भी टूथपेस्ट और टूथब्रश की बजाय नीम की दातून का इस्तेमाल दांतों की मजबूती के लिए करते है। हमारे बड़े बुजुर्गों के दांतों की सेहत का राज भी दातून रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि दातून सिर्फ ओरल हेल्थ के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि इसका संबंध आंखों की अच्छी सेहत से भी है?
कहते हैं कि, आयुर्वेद में दातून को मुंह के लिए खास माना गया है वहीं पर यह पेट से लेकर आंखों के लिए मददगार भी है।
यहां पर आयुर्वेद में टूथपेस्ट की तुलना में दातून को महत्व दिया गया है जो दांतों को बिना केमिकल के स्वस्थ रखता है। इसके अलावा दांतों से लेकर पूरे सेहत के लिए दातून फायदेमंद होता है। इसके अलावा दातून कफ दोष को संतुलित करता है और दांतों की सफाई के साथ-साथ पूरे शरीर के स्वास्थ्य का ध्यान रखता है। आज हम आपको दातून के चमत्कारी फायदों के बारे में बताएंगे।
अगर आप दातून का इस्तेमाल करते है तो आपको पाचन से लेकर आंखों की रोशनी बढ़ाने से फायदे मिलते है।
1- पाचन के लिए
दांतों के लिए दातून महत्व रखता है तो वहीं पर अगर आप दातून चबाते हैं तो यह पाचन तंत्र के लिए भी जरूरी होता है। जब हम सुबह-सुबह दातून को चबाते हैं तो मुंह में मौजूद लार में दातून के कसैले गुण मिल जाते हैं और लार पेट में जाकर पाचन अग्नि को ठीक करने में मदद करती है। इससे पेट से जुड़ी परेशानी जैसे कब्ज और एसिडिटी कम होती है और खाना पचने की प्रक्रिया भी तेजी से होती है।
2- आंखों के लिए फायदेमंद
आप दांतों के लिए दातून का इस्तेमाल करते है तो वहीं पर इसे आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए भी असरदार बताया गया है। कहते हैं कि, दांतों की नसों का सीधा संबंध मस्तिष्क और आंखों से होता है, और जब दातून को चबाया जाता है तो आंखों की नसों पर प्रभाव पड़ता है और वे सुचारू रूप से काम करती हैं। इससे आंखों की रोशनी भी तेज होती है।
3-जीभ की सफाई
आप दांतों के लिए दातून का इस्तेमाल कर सकते है वहीं पर जीभ की सफाई के लिए काफी मददगार होता है। दांतों पर दातून को लगाने के साथ ही जीभ की सफाई भी आसानी से कर सकते है। दातून का इस्तेमाल करने से जीभ पर जमी सफेद परत हट जाती है। जीभ पर जमी परत टॉक्सिन होती है, जो मुंह में बदबू फैलाती है और कई अन्य बीमारियों के भी कारण बनती है।
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4-ओरल हेल्थ के लिए
मुंह के स्वास्थ्य को सही रखने के लिए दातून का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। अगर मसूड़ों में खून आता है, दर्द होता है, पायरिया की परेशानी है, या दांत कमजोर हैं, तो दातून किसी दवा की तरह काम करती है। ये मसूड़ों में कसाव लाने में मदद करती है, जिससे दांतों को जड़ से मजबूती प्रदान होती है और लंबे समय तक दांत स्थिर रहते है।
यहां पर बात करें तो, दांतों के लिए कौन सी दातून का इस्तेमाल फायदेमंद होता है। अक्सर लोग नीम की दातून का इस्तेमाल करते है लेकिन इसके बावजूद बबूल की दातून, अपामार्ग की दातून और बरगद, खेर, या अर्जुन के पेड़ की दातून का इस्तेमाल कर सकते हैं। ये सभी दातून औषधीय गुणों से भरपूर हैं।
आईएएनएस के अनुसार






