
बवासीर में खाएं ये सब्जियां (सौ. सोशल मीडिया)
World Piles Day: भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित जीवनशैली की वजह से हम सही खानपान नहीं ले पाते है। गलत खानपान और सही चीजों का सेवन नहीं करने से कब्ज, अपच और बवासीर जैसी समस्या होती है। बवासीर यानि (Piles) एक आम समस्या है जो बुजुर्गों से लेकर युवाओं में नजर आती है। बवासीर में गुदा और मलाशय के निचले हिस्से की नसें सूज जाती हैं, जिससे दर्द, जलन, खुजली और कभी-कभी खून निकलता है। सही खानपान इन लक्षणों को कम कर सकता है और बवासीर को बढ़ने से रोक सकता है। हर साल 20 नवंबर को विश्व पाइल्स दिवस मनाया जाता है।
यह दिन बवासीर की बीमारी के प्रति लोगों को आगाह करता है। बवासीर की बीमारी से बचने के लिए हमें कब्ज की समस्या से लड़ना जरूरी है यही बवासीर की बीमारी को बढ़ाने का काम करती है।
अगर आप बवासीर की बीमारी को बढ़ने से रोकना चाहते है तो इसके लिए कब्ज का इलाज करना जरूरी होता है। कब्ज से राहत पाने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ सब्जियों को शामिल कर सकते हैं।
1- पालक (Spinach)
सर्दियों के मौसम में पालक की सब्जियां मिलने लगती है। यह सब्जी फाइबर का सबसे अच्छा स्त्रोत होती है। इस सब्जी का सेवन करने से मल नरम हो जाता है तो वहीं पर फ्रेश होने में ज्यादा दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता। तनाव और बवासीर की समस्या को रोकने के लिए इस हरी पत्तेदार सब्जी से बेहतर कुछ नहीं है।
2- गाजर ( Carrot)
सर्दी के मौसम में गाजर की सब्जी भी मिलती है इसे खाना बवासीर की समस्या पर आराम देने का काम करता है। इसमें फाइबर की मात्रा पाई जाती है जो पेट की समस्या या पाचन में राहत देती है।
3- लौकी
आप बवासीर या कब्ज की समस्या से जूझ रहे है तो आपको लौकी की सब्जी का सेवन जरूर करना चाहिए। दरअसल लौकी में पानी और फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो बवासीर के लिए फायदेमंद हो सकती है। यह मल त्याग को स्वस्थ बनाए रखती है और कब्ज को रोकती है। लौकी में शामिल फाइबर की मात्रा अधिक होती है जो मल को बनाने और नरम कर त्यागने में मदद करता है। मल त्याग के दौरान तनाव कम होता है, जो बवासीर को बढ़ा सकता है। लौकी में पानी की उच्च मात्रा पाचन तंत्र को हाइड्रेट रखने में मदद करती है और नियमित मल त्याग को बढ़ावा देती है।
4-ब्रोकली और क्रूसीफेरस सब्जियां
लौकी के अलावा आप ब्रोकली सब्जी को भी अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते है। ब्रोकली की बात की जाए तो, इनमें अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है। यह पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखती हैं। इसके अलावा आर्टिचोक की सब्जी में इन्यूलिन नाम का घुलनशील फाइबर होता है जो आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बढ़ाता है।
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5- टिंडा
बवासीर या कब्ज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए टिंडा नामक सब्जी फायदेमंद होती है। इस सब्जी को खासकर अपने शीतलन और पाचन गुणों के लिए जाना जाता है, जो बवासीर से जुड़े कुछ लक्षणों को कम करने का काम करती है। टिंडा सब्जी का सेवन करने के फायदे होते है।






