फेफड़ों को खोखला कर देता हैं खतरनाक निमोनिया, इन लक्षणों को पहचानकर समय रहते करें इलाज

इस निमोनिया की बीमारी की वजह से मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है कई मामलों में मरीज इसके लक्षणों को नजरअंदाज कर देते है। निमोनिया के मामले नवजात बच्चों से लेकर 80 वर्ष के बुजुर्गों में भी देखें जाते है।
निमोनिया के लक्षण, निमोनिया की बीमारी
निमोनिया के लक्षण (सौ. सोशल मीडिया)
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Pneumonia Signs: हर साल की तरह 12 नवंबर को विश्वभर में निमोनिया बीमारी के बारे में जागरूकता बनाते हुए विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है। इस निमोनिया की बीमारी का संबंध फेफड़ों से होता है जिसमें संक्रमण बढ़ने पर सूजन की स्थिति बनती है कई बार फेफड़ों में पानी भर जाता है। इस बीमारी की वजह से मरीज को सांस लेने में दिक्कत होती है कई मामलों में मरीज इसके लक्षणों को नजरअंदाज कर देते है। निमोनिया के मामले नवजात बच्चों से लेकर 80 वर्ष के बुजुर्गों में भी देखें जाते है। मामूली सर्दी-जुकाम के अलावा इसके और भी लक्षण होते हैं जिसे जानना जरूरी होता है।

कैसे फैलता है निमोनिया

यहां पर निमोनिया के कई मामले देखने के लिए मिलते है लेकिन सबसे आम में से एक न्यूमोकोकल निमोनिया है जो स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिया वायरस के फेफड़ें में पहुंचने से फैलता है। निमोनिया की स्थिति और गंभीर दोनों हो सकती है। कुछ लोगों के लिए निमोनिया जानलेवा भी शामिल हो सकती है, जिसमें 12 महीने या उससे कम उम्र के बच्चे और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग शामिल होते हैं। वहीं, अगर आपको बार-बार सर्दी जुकाम और फ्लू की परेशानी होती है, तो यह निमोनिया का संकेत हो सकता है। निमोनिया की समय पर पहचान करके इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है।

इन लक्षणों से करें निमोनिया की पहचान

यहां पर निमोनिया की स्थिति में कई लक्षण होते हैं जो शरीर में इस बीमारी को बढ़ा देते है। इसके लिए निमोनिया के लक्षण आपकी उम्र, आपके संक्रमण का कारण और गंभीरता और आपकी कोई मौजूदा प्रतिरक्षा प्रणाली समस्याएं निर्भर करती है। जानिए इन लक्षणों के बारे में..

1- लगातार आ रही है खांसी

अगर आपको कई दिनों से खांसी है जो दवाईयों के खाने के बाद भी सही नहीं हो रही है तो, निमोनिया का संकेत हो सकता है।मुख्य रूप से अगर आपकी खांसी सूखी या गाढ़े बलगम के साथ ही रही है, तो यह निमोनिया का संकेत हो सकता है। इसके लिए तुरंत डॉक्टर से इसका इलाज करवाएं।

2- बार-बार बुखार आना

जब व्यक्ति को निमोनिया की स्थिति होती है तो, उसे बार-बार बुखार आता है इस प्रकार की स्थिति में मुख्य रूप से 38 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक तापमान निमोनिया की ओर इशारा करता है। अगर तापमान बढ़ता हैं तो इस निमोनिया का खतरा होता है। गंभीर समस्या में आप डॉक्टर से इलाज करवा सकते है।

3-काफी ज्यादा थकान रहना

निमोनिया की स्थिति में अक्सर थकान की स्थिति बनी होती है इसके लिए आप खुद को थका हुआ महसूस करते हैं तो, आपके फेफड़ों में शिकायत मानी जाती है इसके लक्षण कई बार गंभीर हो जाएं तो बड़ा नुकसान पहुंचाते है। इस स्थिति में डॉक्टर की मदद लेनी चाहिए।

4- भूख लगने में कमी

यहां पर निमोनिया की स्थिति में मरीज को भूख नहीं लगने की समस्या होती है। अगर आपका कुछ भी खाने का जी नहीं करता हैं तो मान लीजिए आपको निमोनिया की समस्या हो रही है।निमोनिया होने पर मरीजों को अपने स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है, ताकि स्थिति की गंभीरता को कम किया जा सके।

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