अगर बॉडी बनाने के लिए फाइबर को छोड़ प्रोटीन पर दें रहें ध्यान, तो हो जाइए सावधान! हो सकता है कैंसर का खतरा
Protein and Fibre for Body building: प्रोटीन के साथ-साथ शरीर को फाइबर की भी जरूरत होती है। हाई प्रोटीन और लो फाइबर फूड से डाइजेशन खराब होता है और कई बीमारियों को न्योता देता है।
- Written By: रीता राय सागर
जिम वर्कआउट (सौ. पिंटरेस्ट)
Side effects of too much Protein: आज के जमाने का सच भागती-दौड़ती जिंदगी और बिजी लाइफ स्टाइल है। ऐसे में कई लोग शारीरिक कसरत के लिए जिम जाते है और लगभग सभी जिम जाने वाले अपने प्रोटीन इनटेक का पूरा ख्याल रखते है। जिस किसी भी खाद्य पदार्थ से प्रोटीन मिलता है, वे उसे कंज्यूम करते है।
इसके लिए सोया, पनीर, चिकन, अंडा, फ्रूट्स व प्रोटीन पाउडर को अपनी डेली डाइट में शामिल करते है। लेकिन क्या आपको पता है हमारे शरीर के लिए प्रोटीन के साथ-साथ फाइबर भी उतना ही जरूरी है।
क्यों जरूरी है फाइबर?
अगर डाइजेशन अच्छा नहीं होगा, तो कई तरह की बीमारियां हो सकती है। इसलिए हाई प्रोटीन डाइट के साथ फाइबर लेना बेहद जरूरी है। प्रोटीन डाइजेस्ट होने में वक्त लगता है और वो हमारे डाइजेस्टिव सिस्टम पर हैवी होता है। इससे कब्ज, पेट फूलना, गैस और बाउल मूवमेंट पर बुरा असर पड़ सकता है।
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क्या है फाइबर का काम?
फाइबर का काम हमारे मोशन को सुचारू बनाना और पेट साफ रखना है। साथ ही फाइबर आंतों में गुड बैक्टीरिया को मजबूत बनाता है। यह वो बैक्टीरिया होते है, जो हमारे पाचन तंत्र को मजबूत बनाते है और बीमारियों से लड़ने में सहायक होते है। फाइबर से भोजन पचने की गति धीमी होती है, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल में रहता है। इससे हमारा पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करता है। एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 25-35 ग्राम तक प्रोटीन लेना चाहिए।
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लंबे समय तक हाई प्रोटीन और लो फाइबर डाइट लिया जाए, तो कोलन कैंसर और हार्ट की समस्याएं हो सकती है। इससे शरीर में सूजन, ब्लोटिंग व कब्ज जैसी समस्याएं उत्पन्न होती है।
इसके लिए ओट्स, चिया सीड्स, दाल, शकरकंद, सेव, आडु व साबुत अनाज को अपनी डाइट में शामिल करें। साथ ही भरपूर मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।
हाई प्रोटीन डाइट को कैसे बैलेंस करें?
- अपने हर मील के साथ एक फाइबर युक्त खाना जरूर ऐड करें। जैसे अगर आप अंडा, चिकन या फिश खा रहें हैं, तो साथ में एक प्लेट सलाद की ले सकते है।
- प्लांट बेस्ड प्रोटीन का इस्तेमाल भी शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।
- अपने ब्रेकफास्ट को बदलते रहें। जैसे अंडा, ओट्स या फिर ग्रीक योगर्ट। साथ में चिया सीड्स या फ्लेक्स सीड लिया जा सकता है।
- फुलटाइम मील के बीच में फाइबर युक्त स्नैक लेना भी अच्छा ऑप्शन है। ब्रंच और शाम के नाश्ते में बादाम या मुठ्ठी भर नट्स या रोस्टेड चना लेना चाहिए।
- पानी की मात्रा को बढ़ाएं, जिससे बाउल मूवमेट बेहतर होगा। फ्रूट जूस को अवॉयड करें।
- इन सबके साथ ही खाने के बाद वॉक करें।
