क्या है Monk Fruit? जीरो कैलोरी वाला यह स्वीटनर डायबिटीज मरीजों के लिए माना जाता है बेहतर विकल्प
Monk Fruit Plant: मोंक फ्रूट सबसे हेल्दी ऑप्शन है, लेकिन किसी भी मीठी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए संतुलित मात्रा में ही शुगर का इनटेक करना चाहिए।
- Written By: रीता राय सागर
मोंक फ्रूट (फोटो. सोशल मीडिया)
Monk Fruit Sweetener: हममें से ज्यादातर लोग खाने में या खाने के बाद मीठा खाने का शौक होता है। फिर चाहे वो सुबह की पहली चाय हो, नाश्ते का दलिया हो या फिर दिन के आखिरी में डेजर्ट की क्रेविंग, लेकिन मीठे से बढ़ते खतरे को देखते हुए हम सब या तो मीठा खाना अवॉयड करते हैं, या फिर मीठे का कोई दूसरा हेल्दी ऑप्शन ढुंढते हैं।
इसी हेल्दी स्वीटनर की कैटेगरी में आता है- मोंक फ्रूट, स्टीविया, शुगर फ्री, शहद या गुड़। हालांकि किसी भी स्वीटनर का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नुकसान पहुंचाता है। आइए जानते हैं मोक फ्रूट के बारे में।
नेचुरल स्वीटनर की कैटेगरी
एक्सपर्ट के मुताबिक शुगर सबस्टिट्यूट की तीन कैटेगरी होती हैं। इसमें आर्टिफिशियल स्वीटनर, शुगर एल्कोहल और नोवल स्वीटनर्स शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
चारधाम यात्रा का असर: ऋषिकेश की सड़कों पर वाहनों का सैलाब, प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
National Best Friend Day: हर राज का साथी, हर मुश्किल का हमसफर, आज है बेस्ट फ्रेंड को सेलिब्रेट करने का दिन
Navabharat Nishanebaaz: सबके मन में यही है सोच, क्यों चर्चा में है कॉकरोच
संभाजीनगर मनपा में 5,552 करोड़ का ‘ऑडिट संकट’: एक दशक से लंबित हैं 930 आपत्तियां, फाइलों में दबे दस्तावेज
-
आर्टिफिशियल स्वीटनर
आर्टिफिशियल स्वीटनर को लैब में केमिकल्स से बनाया जाता है। इस कैटेगरी में स्प्लेंडा, एस्पार्टेम और स्टीविया जैसे स्वीटनर होते हैं, जो चीनी की तुलना में सैकड़ों गुना अधिक मीठा होते हैं।
-
शुगर एल्कोहल
शुगर एल्कोहल सिंथेटिक प्रोडक्ट्स होते हैं, जिन्हें शुगर से ही तैयार किया जाता है, लेकिन हमारे शरीर पर इनका असर शुगर से कम होता है। एरिथ्रिटोल, जाइलिटोल, सॉर्बिटोल इसी कैटेगरी में आते हैं।
-
नोवल स्वीटनर्स
नोवल स्वीटनर्स को नेचुरल शुगर के सोर्स से तैयार किया जाता है। ये दूसरे शुगर सबस्टिट्यूट से ज्यादा सेफ होते हैं। नोवल स्वीटनर्स को डाइट में एड करने के लिए स्टीविया या मोंक फ्रूट का इस्तेमाल किया जा सकता हैं।
-
मोंक फ्रूट
मोंक फ्रूट एक नेचुरल स्वीटनर है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया के एक छोटे से खरबूजे जैसे फल से पाया जाता है। खास बात यह है कि इसमें कैलोरी नहीं होती और यह ब्लड शुगर पर कोई असर नहीं डालता। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक अच्छा विकल्प माना जाता है। डाइट पर रहने वालों या फिर वेटलॉस करने वालों के लिए भी यह एक बेहतरीन ऑप्शन है। आजकल यह हेल्थ-फ्रेंडली स्वीटनर के रूप में दुनिया भर में लोकप्रिय हो रहा है।
मोंकफ्रूट (फोटो.सोशल मीडिया)
मोंक फ्रूट क्या होता है (What is Monk Fruit?)
मोंक फ्रूट दक्षिणी चीन और उत्तरी थाईलैंड में मुख्य रूप से पाया जाता है। बौद्ध भिक्षुओं ने सदियों पहले इसकी खेती की थी। यह अद्भुत फल 800 से अधिक वर्षों से पारंपरिक चिकित्सा में काम आया है, मुख्य रूप से खांसी, गले में खराश और श्वसन संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए।
छोटे संतरे के आकार के मोंक फ्रूट की खासियत इसमें पाए जाने वाले मोग्रोसाइड्स नामक अनोखे मीठे यौगिक हैं, जो सामान्य चीनी से 100-250 गुना अधिक मीठे होते हैं। ये प्राकृतिक यौगिक बिना कैलोरी, कार्बोहाइड्रेट या ब्लड शुगर लेवल पर प्रभाव डाले मिठास प्रदान करते हैं।
कैसे बनाए जाते हैं मोंक फ्रूट से स्वीटनर
आधुनिक मोंक फ्रूट स्वीटनर ताजे फलों को कुचलकर, उनका रस निकालकर और फिर उसे प्यूरीफाई करके मोग्रोसाइड्स को अलग करके बनाया जाता है। इस रस को सुखाकर पाउडर बनाया जाता है या फिर इसे तरल रूप में गाढ़ा किया जाता है, जिससे एक स्वीटनर बनकर तैयार होता है।
मोंक फ्रूट का सेवन सुरक्षित है? (Is Monk Fruit Safe?)
सामान्य मात्रा में सेवन करने पर मोंक फ्रूट स्वीटनर अधिकांश लोगों के लिए सुरक्षित है। जिन लोगों को लौकी, खीरा, खरबूजा, कद्दू फैमिली की सब्जियों से एलर्जी है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए, हालांकि मोंक फ्रूट से एलर्जी बहुत दुर्लभ है।
इसके अलावा, कुछ कमर्शियल मोंक फ्रूट उत्पादों में डेक्सट्रोज या माल्टोडेक्सट्रिन जैसे तत्व होते हैं, जो ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए लेबल को हमेशा ध्यान से पढ़ें। यदि आप डायबिटीज की दवा ले रहे हैं, तो किसी भी नए मीठे का सेवन शुरू करने से पहले अपने ब्लड शुगर लेवल की निगरानी करें।
मोंक फ्रूट (फोटो.सोशल मीडिया)
ये भी पढ़ें- Nicotine: सिगरेट के अलावा इन सब्जियों में भी पाया जाता है निकोटिन, क्या इन्हें खाना सुरक्षित है?
मोंक फ्रूट से होने वाले स्वास्थ्य लाभ (Health Benefit Of Monk Fruit)
-
वेट मैनेजमेंट
मोंक फ्रूट में जीरो कैलोरी होती है, इसलिए आप चीनी की बजाय इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, जो लोग चाय या कॉफी में प्रतिदिन 2-3 चम्मच चीनी का सेवन करते हैं, उनके लिए मोंक फ्रूट का सेवन करने से प्रतिदिन लगभग 50-75 कैलोरी कम हो सकती है।
-
डायबिटीज
मोंक फ्रूट में पाया जाने वाला मोग्रोसाइड्स ब्लड शुगर या इंसुलिन के स्तर को प्रभावित नहीं करते हैं, इसलिए मोंक फ्रूट स्वीटनर टाइप 1 या टाइप 2 डायबिटीज वाले लोगों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है। प्रारंभिक अध्ययनों से पता चलता है कि मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट इंसुलिन संवेदनशीलता पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।
-
हार्ट हेल्थ
नियमित रूप से चीनी का सेवन मोटापा, सूजन और उच्च ट्राइग्लिसराइड्स सहित कई हृदय संबंधी रोगों के जोखिम को बढ़ा देता है। मोंक फ्रूट के लाभों में से एक यह है कि यह चीनी के चयापचय संबंधी बोझ के बिना मिठास प्रदान करके इन जोखिमों को कम करने में मदद करता है।
-
एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर
शोध बताता है कि मोग्रोसाइड्स में शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जिससे मनुष्यों के शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में सहायता मिलती है। मोंक फ्रूट स्वीटनर से इंफ्लेमेशन में भी लाभ मिलता है।
