-
रवि, 26 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- Health »
- Disease Was Detected Through Aptadesh Without Lab And Test Reports
क्या जानते है आप? लैब और टेस्ट रिपोर्ट के बिना पहले कैसे पता चलती थी बीमारी, सामने आया रहस्य
- Written By: दीपिका पाल
Aptadesh: हजारों साल पहले जब न तो लैब थे, न टेस्ट रिपोर्ट, तब वैद्यों को इतनी गहराई से कैसे पता चलता था कि कौन-सी जड़ी-बूटी किस बीमारी में काम आएगी? तो इसका उत्तर "आप्तदेश" है।

आप्तदेश' के रहस्य (सौ. डिजाइन फोटो)
Health News in Hindi: आजकल छोटी से छोटी जानकारी के लिए हम चैटजीपीटी और गूगल का सहारा ले रहे है। क्या आपने कभी सोचा है कि हजारों साल पहले जब न तो लैब थे, न टेस्ट रिपोर्ट, तब वैद्यों को इतनी गहराई से कैसे पता चलता था कि कौन-सी जड़ी-बूटी किस बीमारी में काम आएगी? तो इसका उत्तर “आप्तदेश” है। यह प्राचीन स्वास्थ्य नीतियों का तरीका है जो हर बीमारी की जानकारी सटीक देता है। इसमें किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आती है। चलिए जानते है इसके बारे में।
जानें आप्तदेश की परिभाषा
यहां पर आप्तदेश को ऐसे समझे तो, ‘आप्त’ यानी ऐसा व्यक्ति जो सत्य बोलता है, ज्ञानी है, और स्वार्थ से परे है। वहीं ‘देश’ यानी उसका कहा हुआ ‘उपदेश।’ तो, आप्तदेश का सीधा मतलब हुआ-ऐसे ऋषि-मुनियों या आचार्यों की कही गई बात, जिनका ज्ञान अनुभव और आत्मबोध से उपजा है। आज की डेट में जहां इसका तमगा हम विकिपीडिया या गूगल को देते हैं, हजारों साल पहले इसका जिम्मा वैद, ऋषि और शास्त्रों ने उठा रखा था। ज्ञान के सबसे भरोसेमंद स्रोत वही थे। चरक संहिता के मुताबिक ज्ञान के तीन प्रमुख रास्ते हैं, पहला प्रत्यक्ष (जो आंखों से देखा जाए), दूसरा अनुमान (जिसे दिमाग समझता है) और तीसरा आप्तदेश, यानी जो ज्ञानी जनों से सीखा जाए। इसमें सबसे भरोसेमंद तरीका है आप्तदेश, क्योंकि ये ज्ञान किसी लालच या झूठ के पुलिंदे में नहीं गूंथा था। ज्ञानियों के ज्ञान का स्रोत अनुभव, ध्यान और सत्य था।
सम्बंधित ख़बरें
AI Fashion Try-On: अब खरीदने से पहले देखें कपड़े आप पर कैसे दिखेंगे, लेकिन क्या AI का यह फीचर बढ़ा रहा है अंडर
Beauty Mistakes: आपकी रोजमर्रा की ये 10 आदतें छीन सकती हैं चेहरे का निखार, समय रहते बदल लें इन्हें
No Maida Samosa Recipe: समोसा खाना नहीं छोड़ सकते, तो घर पर बनाएं बिना मैदे का हेल्दी समोसा, नोट करें रेसिपी
National Parents Day 2026: हर बच्चे के पहले हीरो होते हैं उसके माता-पिता, जानें इस खास दिन का इतिहास और महत्व
क्या कहता है चरक संहिता का आप्तवचन
बताया जा रहा है कि, इसके प्रचार-प्रसार के लिए, या रोचक बनाने के लिए, किसी विज्ञापन या ब्रांडिंग की आवश्यकता नहीं होती। महज सच्चा अनुभव और आत्मज्ञान इसकी खासियत है। ऋषि अत्रेय, आचार्य चरक, सुश्रुत आदि ने जो कुछ कहा, वह महज किताबों में संजोई बातें नहीं थीं। वे खुद चिकित्सा करते थे, जड़ी-बूटियां उगाते थे, और रोगियों को ठीक होते देखते थे।उनकी बातों को शास्त्रों में जगह इसलिए मिली क्योंकि वो प्रमाणित थीं-यानी प्रयोग से सिद्ध। चरक संहिता का आप्त वचन कहता है त्रिदोष ही रोगों का मूल कारण है, तो सुश्रुत संहिता शल्य चिकित्सा का वर्णन करता है वहीं अष्टांग हृदयम् आहार, निद्रा और ब्रह्मचर्य की बात करता है। इन ग्रंथों में जो भी लिखा गया वो आज भी प्रासंगिक है क्योंकि ये तर्क नहीं सदियों के अनुभव से गढ़ा गया।
ये भी पढ़ें- एसिडिटी से तुरंत आराम दिला सकते हैं ये घरेलू नुस्खे, आज़मा कर देखिए
अब सवाल उठता है—जब हमारे पास गूगल है, चैटजीपीटी है, और डॉक्टर हैं, तो फिर “आप्तदेश” की जरूरत क्यों है? इसका सीधा सा उत्तर है क्योंकि गूगल पर जानकारी है लेकिन सत्यता तय नहीं है। आज भी कई रोग ऐसे हैं जहां आधुनिक विज्ञान मौन है, लेकिन आयुर्वेद के आप्त वचनों में समाधान मौजूद है। आप्तदेश एक पुरातन ज्ञान नहीं बल्कि प्रामाणिक जीवन दर्शन है।
आईएएनएस के अनुसार
Disease was detected through aptadesh without lab and test reports
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
मुंबई में रहना कितना महंगा? IIM ग्रेजुएट ने बताया एक महीने का खर्च, ₹1.31 लाख का हिसाब सुन लोग रह गए हैरान
Jul 26, 2026 | 10:45 PMदिल्ली जाने की अटकलों पर CM देवेंद्र की दो टूक, कहा- मैं मुंबई और महाराष्ट्र में ही रहूंगा
Jul 26, 2026 | 10:45 PMलंकेश के किरदार में ढलने के लिए यश ने किया खास अभ्यास, बोले- शिव के गीत सुनकर ही मिलता था सही भाव
Jul 26, 2026 | 10:42 PMकॉकरोचों के बाद शुरू हुआ E20 आंदोलन, क्यों मांगा जा रहा गडकरी का इस्तीफा? जानें सब कुछ
Jul 26, 2026 | 10:42 PMमीराबाई चानू ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता स्वर्ण पदक, PM मोदी से लेकर उपराष्ट्रपति ने दी बधाई
Jul 26, 2026 | 10:37 PMआषाढ़ी वारी: पहली बार एयर एम्बुलेंस की सुविधा, ‘आरोग्यसंपन्न वारी’ ऐप से 1.08 लाख श्रद्धालुओं ने उठाया लाभ
Jul 26, 2026 | 10:36 PMजंतर-मंतर पर प्रदर्शन खत्म…अब क्या करेगी कॉकरोच जनता पार्टी? राजनीति में एंट्री करेंगे दीपके! जानें अगला कदम
Jul 26, 2026 | 10:13 PMवीडियो गैलरी

CM Yogi Agra Visit: मंच से भाषण दे रहे थे CM योगी, पास बैठे BJP विधायक भर रहे थे खर्राटे, VIDEO वायरल
Jul 26, 2026 | 09:47 PM
जौहर यूनिवर्सिटी के समर्थन में सड़कों पर उतरे सपाई, अलीगढ़ में डीएम ऑफिस में जड़ा ताला; VIDEO वायरल
Jul 26, 2026 | 09:31 PM
तेज प्रताप यादव गिरफ्तार; वकील ने खोले बड़े राज, राजनीतिक जीवन में पहली बार जाना पड़ा जेल, देखें VIDEO
Jul 26, 2026 | 09:04 PM
चुप नहीं बैठी महिला; बीएमटीसी बस में छेड़छाड़ करने वाले को ड्राइवर ने सिखाया सबक, देखें VIDEO
Jul 26, 2026 | 08:45 PM
अब बात होगी तो सिर्फ PoK पर…, कारगिल वॉर मेमोरियल से राजनाथ सिंह की पाकिस्तान को सख्त चेतावनी; देखें Video
Jul 26, 2026 | 02:41 PM
भोपाल के हथाईखेड़ा डैम में नियमों की उड़ रही धज्जियां, प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा-VIDEO
Jul 26, 2026 | 01:43 PM














