डायबिटीज मरीज (सौ. एआई)
Diabetes Health Tips: भारत में खराब जीवनशैली और तनाव के कारण डायबिटीज एक महामारी का रूप ले चुका है। अक्सर मरीज फलों को सुरक्षित मानकर खाते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत फल का चुनाव आपकी शुगर स्पाइक कर सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि किन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स आपके लिए खतरनाक है।
भारत में आज लगभग हर परिवार शुगर या बीपी की समस्या से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि मधुमेह केवल मीठा खाने से नहीं बल्कि तनाव और बिगड़ी हुई दिनचर्या की देन है। मधुमेह के रोगियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह पहचानना है कि उनके लिए कौन से फल अमृत हैं और कौन से नुकसानदेह।
जानकारी के अनुसार जिन फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) 55 से अधिक है वे ब्लड शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ाते हैं। इसके अलावा घंटों तक फल खाते रहना पेट में एसिडिटी बढ़ा सकता है। इसलिए सही मात्रा और सही फल का चुनाव ही इसका इलाज है।
जामुन को डायबिटीज के लिए अमृत माना जाता है। इसके फल ही नहीं बल्कि गुठली और पत्ते भी औषधीय गुणों से भरपूर हैं। यह पैंक्रियाज के फंक्शन को सुधारता है और इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ाता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट साफ रखने में मदद करता है।
यह भी पढ़ें:- सावधान! नशे से भी बुरी है जंक फूड की क्रेविंग! बस इन 5 चीजों से बदलें अपना स्नैक
अमरूद विटामिन-सी और फाइबर का भंडार है। यह न केवल शुगर कंट्रोल करता है बल्कि मेटाबॉलिज्म को सुधारकर कब्ज जैसी समस्याओं से भी निजात दिलाता है। कम जीआई होने के कारण यह मधुमेह रोगियों के लिए सबसे सुरक्षित विकल्प है।
स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी और भारतीय आंवला एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। ये न केवल ब्लड शुगर को रेगुलेट करते हैं बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
डायबिटीज के मरीजों को कभी भी फलों का जूस नहीं पीना चाहिए। जूस में फाइबर नहीं होता जिससे फल की नेचुरल शुगर सीधे रक्त में मिलकर शुगर का स्तर बढ़ा देती है। इसकी जगह साबुत फल खाना या कच्ची हल्दी और आंवले का रस पीना ज्यादा फायदेमंद है।
डायबिटीज कोई लाइलाज बीमारी नहीं है बस आपको अपनी थाली के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। सही पोर्शन में इन जादुई फलों का सेवन आपको एक स्वस्थ जीवन दे सकता है।