Pregnancy Care: प्रेग्नेंसी के दौरान लगाएं ध्यान, जच्चा और बच्चा दोनों के लिए फायदेमंद
Pregnant Women Health: आयुष मंत्रालय द्वारा गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कुछ हेल्थ टिप्स जारी किए गए है, जिससे मां और बच्चा दोनों स्वस्थ रहेंगे।
- Written By: रीता राय सागर
Meditation for Pregnant Women (सौ. सोशल मीडिया)
Meditation For Pregnant Women: आने वाले 10 मई को मातृ दिवस (Mother’s Day) और 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस है, ऐसे में भारत सरकार के आयुष मंत्रालय की ओर से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जिसके केंद्र बिंदु में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को रखा गया है। इस संबंध में मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रेग्नेंसी के दौरान ध्यान-प्राणायाम के फायदों के बारे में बताया है।
ध्यान से होगी क्वालिटी ऑफ स्लीप बेहतर
प्राचीन योग के तीन मुख्य भाग है- आसन, ध्यान और प्राणायाम। ध्यान हमारे मन मस्तिष्क को एकाग्रचित्त और शांत करने का एक तरीका है। किसी शांत व हवादार स्थान पर बैठकर अपनी पीठ को सीधा, कंधे को अलाइन, हाथ को ज्ञान मुद्रा में, आंखों को बंद करके जब सांसों को नियंत्रित करते हुए ध्यान लगाया जाता है, तो इससे हम अपने विचारों को नियंत्रित कर पाते है। इसके साथ ही इससे मन शांत होगा, चिंता व तनाव से मुक्ति मिलेगी, सेल्फ अवेयरनेस बढ़ेगी और नींद बहुत अच्छी आएगी।
आयुष मंत्रालय द्वारा जारी किए गए एडवाइजरी में बताया गया है कि कैसे गर्भावस्था के दौरान किसी महिला का जितना शारीरिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है, उतना ही मानसिक तौर पर भी जरूरी है। मेडिटेशन के नियमित प्रैक्टिस से गर्भवती महिलाओं को शांत और स्थिर रहने, तनाव कम करने और खुद से व आने वाले शिशु से गहरा भावनात्मक जुड़ाव कायम करने में मदद मिलती है।
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प्रत्येक तिमाही में बढ़ाएं समय
मंत्रालय के अनुसार, ऐसा करने से पूरी प्रेग्नेंसी जर्नी अधिक शांतिपूर्ण, स्थिर और सकारात्मक रहती है। एक्सपर्ट की मानें तो गर्भवती महिलाओं को प्रत्येक तिमाही में ध्यान का समय 5 मिनट बढ़ाते जाना चाहिए अर्थात् पहली तिमाही में 5 मिनट, दूसरी तिमाही में 10 मिनट और तीसरी तिमाही में 15 मिनट तक ध्यान लगाया जाना चाहिए।
मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं से अपील की है कि सभी प्रेग्नेंट महिलाओं को ध्यान को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। कहा जाता है कि मानसिक व शारीरिक तौर पर स्वस्थ मां ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है।
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ध्यान करते हुए किन बातों का रखें ख्याल
- अभ्यास के लिए सीधी व आरामदायक मुद्रा में बैठें, पीठ पर जोर न डालें।
- खाली या हल्का पेट रखें।
- शांत और हवादार जगह का चुनाव करें।
- अभ्यास के दौरान सांस को स्वाभाविक रूप से आने-जाने दें।
- मन में आने वाले विचारों से लड़ें नहीं।
- गर्भावस्था या किसी बीमारी में अभ्यास से पूर्व डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
- धैर्य रखें और जबरदस्ती मन शांत करने की कोशिश न करें।
