
ध्वस्त पानी टंकी और पीएम मोदी।
Surat Water Tank News: गुजरात के सूरत में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य के सूरत में ताड़केश्वर में नई बनी पानी की टंकी उद्घाटन से पहले जमीदोज हो गई। यह मामला सरकारी सिस्टम की पोल खोल रहा। साथ ही निर्माण कार्यों में अनियमितता और भ्रष्टाचार की तरफ इशारा कर रहा है।
मामले ने सूरत के साथ पूरे गुजरात में तूल पकड़ा है। इसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं हो रही हैं। इस सिलसिले में पुलिस ने बुधवार को दो सरकारी अधिकारियों समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस ने जिनको गिरफ्तार किया है, उनमें 61 साल का कॉन्ट्रैक्टर जयंती पटेल है। यह जयंती सुपर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, मेहसाणा का मालिक है। बाबू पटेल, 32 साल के जैस्मीन और 35 साल का धवल भी गिरफ्तार हुआ है। अहमदाबाद की प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी मार्स प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कर्मचारी, सुपरविजन हेड बाबू मणि पटेल, साइट सुपरवाइजर जिगर प्रजापति को भी गिरफ्तार किया गया है।
इस भ्रष्टाचार में शामिल गुजरात वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड (GWSSB) के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अंकित गरासिया और डिप्टी इंजीनियर जय चौधरी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में शामिल दूसरे लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने की तैयारी में जुटी है।
सरकार ने मामले में जांच के आदेश दे दिए हैं। सरदार वल्लभभाई नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, सूरत और गुजरात इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (GERI), वडोदरा के इंजीनियरिंग एक्सपर्ट्स की एक टीम जांच कर रही। टीम टंकी के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए मौके पर भी पहुंची। एसपी ने कहा कि SVNIT और GERI की टेक्निकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की जांच होगी। इसमें इस्तेमाल मटीरियल की टेस्टिंग और दूसरी टेक्निकल डिटेल्स को वेरिफाई किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को कोर्ट में पेश करेंगे। सबूत सामने आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
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ओवरहेड वॉटर टैंक की क्षमता 11 लाख लीटर थी। टेस्टिंग के दौरान टंकी में 9 लाख लीटर पानी भरा गया था। यह टैंक 14 गांवों तक पानी की पहुंच सुनिश्चित करता। टंकी के माध्यम से वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के लिए 21 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट का हिस्सा था। टैंक की लागत 1 करोड़ रुपये थी। इसमें से 83 लाख रुपये पहले दिए जा चुके थे।






