नागपुर में 'गैस' का आपातकाल! युद्ध के चलते सप्लाई ठप, बंद होने की कगार पर शहर के सैकड़ों होटल और फैक्ट्रियां

Nagpur LPG Shortage War Impact: युद्ध का नागपुर पर प्रहार! गैस की किल्लत से हिंगना और बूटीबोरी की फैक्ट्रियां बंदी के कगार पर। होटल उद्योग डगमगाया और रसोई का बजट बिगड़ा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
US-Iran war impacts Nagpur as LPG supply gets controlled. Over 150 industries in Hingna & Butibori and the hotel industry face shutdown risk due to gas shortage.
पेट्रोल पंप पर भारी भीड़ (सौजन्य-नवभारत)
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Hingna MIDC Gas Crisis: करीब 10 दिनों से जारी अमेरिका-ईरान युद्ध का असर अब सिटी में भी दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने रसोई गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए हैं। कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति ‘कंट्रोल’ कर दी है। ‘कंट्रोल’ करने की नीति ने होटल उद्योग को हिलाकर रख दिया है।

कई होटल बंद हो गए हैं, जबकि कुछ बड़े होटल बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। इतना ही नहीं बूटीबोरी और हिंगना में स्थित कई कंपनियों पर भी संकट गहरा गया है। एलपीजी गैस की कमी से वे ‘तपने’ लगे हैं। शहर में इन दिनों एलपीजी और सीएनजी पर अधिकांश ऑटो चल रहे हैं, इन्हें भी गैस लेने में काफी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है।

हिंगना में 150 उद्योग गैस पर निर्भर

एमआईए के अध्यक्ष पी. मोहन ने वाणिज्यिक और औद्योगिक उपयोग के लिए एलपीजी के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। हिंगना एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग अपने उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। ऐसे में एलपीजी की आपूर्ति पर अचानक प्रतिबंध से कई एमएसएमई इकाइयों के सामने गंभीर स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। कई औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, पाउडर कोटिंग, फार्मास्यूटिकल्स, फेब्रिकेशन और पैकेजिंग जैसे कई उद्योग एलपीजी का उपयोग करते हैं क्योंकि यह स्वच्छ ईंधन है और उत्पादन प्रक्रियाओं के लिए स्थिर ताप प्रदान करता है। सुबह से ही लोग संगठन में फोन कर अपनी स्थिति से अवगत करा रहे हैं। लगभग 150 उद्योगों पर सीधा असर होने की जानकारी सामने आ रही है। अप्रत्यक्ष रूप से कई अन्य उद्योग पर भी असर पड़ेगा।

बूटीबोरी में भी फूड इंडस्ट्रीज पर बड़ा संकट

बूटीबोरी में स्थित 2 बड़े फूड इंडस्ट्रीज सहित दर्जन भर उद्योग भारी संकटों में हैं। दहशत का माहौल बन गया है। पूर्व अध्यक्ष प्रदीप खंडेलवाल ने बताया कि मुश्किल से 2 दिन का स्टाक इनके पास है। समय पर आपूर्ति नहीं होने पर ये बड़े-बड़े उद्योग बंद पड़ जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार सही गाइडलाइन जारी करे, ताकि पैनिक को खत्म किया जा सके। आज पैनिक काफी ज्यादा बढ़ गई है।

होटल उद्योग डगमगाया

नागपुर होटल एंड रेस्टोरेंट संगठन के तेजिंदर सिंह रेणु ने कहा कि आज से कई होटल संचालक परेशान होने लगे हैं। छोटे-छोटे होटलों के पास सिलेंडर का स्टाक नहीं है। अगर इन्हें जल्द सिलेंडर नहीं मिलता है तो ये आने वाले एक-दो दिनों में बंद हो जाएंगे। इसी प्रकार बड़े होटलों के पास अगले 5-6 दिनों का स्टाक है।

अगर आपूर्ति खंड़ित होती है तो इन्हें भी पूर्ण रूप से चलाना मुश्किल हो जाएगा। बड़े होटलों को भी कटौती पर संचालन करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है। होटल एवं रेस्तरां संघ ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी से हस्तक्षेप कर एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में कहा कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में व्यवधान से आतिथ्य उद्योग के संचालन में गंभीर कठिनाइयां पैदा हो रही हैं। होटल और रेस्तरां अपने रोजमर्रा के रसोई संचालन के लिए वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की निरंतर आपूर्ति पर अत्यधिक निर्भर हैं। ऐसे में अचानक आपूर्ति बाधित होने से कई प्रतिष्ठानों में भोजन तैयार करने और सेवा देने का काम प्रभावित हुआ है।

गृहिणियां भी परेशान

दूसरी ओर गृहिणियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। 25 दिनों बाद बुकिंग के नियम से सिंगल सिलेंडर रखने वाले को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, जिसका गैस सिलेंडर खत्म हो गया है उन्हें भी कतारों में लगने की नौबत आ गई है। घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो जाएगा।

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