छठ पर्व से पहले फिर ट्रेंड में शारदा सिन्हा का गाना ‘पहिले पहिल छठी मैया’, मिले इतने व्यूज

Chhath Song: भोजपुरी छठ गीतों की रानी कही जाने वाली शारदा सिन्हा भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन आज भी उनके गानों का क्रेज बरकारर है। वहीं अगर आप पहली बार छठ करने जा रहे हैं तो ये गाना जरूर सुने।
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शारदा सिन्हा (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Sharda Sinha Chhath Puja Songs: दिवाली के समापन के साथ ही पूरे देश में, खासकर पूर्वांचल, उत्तर प्रदेश और बिहार में, अब छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। घाटों की सफाई से लेकर प्रसाद बनाने तक, हर घर में छठी मइया के स्वागत की रौनक देखने को मिल रही है। इस बीच, सोशल मीडिया और यूट्यूब पर एक बार फिर गूंज रहा है, स्वर कोकिला शारदा सिन्हा का सदाबहार गीत, ‘पहिले पहिल छठी मैया’।

दरअसल, भोजपुरी छठ गीतों की रानी कही जाने वाली शारदा सिन्हा के इस गाने ने एक बार फिर लोगों के दिलों को छू लिया है। हालांकि, ‘पहिले पहिल छठी मैया’ सॉन्ग को रिलीज हुए आठ साल बीत चुके हैं, लेकिन इसका क्रेज आज भी बरकरार है। यूट्यूब पर इस भावपूर्ण गीत को अब तक 6.8 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है, और यह हर साल छठ पर्व के समय ट्रेंड करता रहता है।

शारदा सिन्हा के गाने की ये कहानी

गाने की वीडियो कहानी एक ऐसे परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें एक बुजुर्ग मां अब व्रत रखने में असमर्थ होती हैं। वह अपनी बहू से कहती हैं कि वह उनके स्थान पर पहला छठ व्रत रखे। बहू जब श्रद्धा और भक्ति से छठ मैया की पूजा करती है, तो भावनाओं का समंदर उमड़ पड़ता है। यह गीत न सिर्फ छठ पर्व की परंपरा और भावनाओं को दर्शाता है, बल्कि एक नई पीढ़ी द्वारा उस परंपरा को आगे बढ़ाने की सुंदर मिसाल भी पेश करता है।

आपको बता दें, शारदा सिन्हा की मधुर आवाज इस गीत को और भी आत्मीय बना देती है। उनके गानों में मातृत्व, आस्था और भक्ति की झलक साफ दिखाई देती है। यही वजह है कि “पहिले पहिल छठी मैया” हर साल घर-घर में बजता है और लोगों की छठ पूजा का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

5 नवंबर को लोकप्रिय गायिका ने दुनिया को कहा था अलविदा

खास बात मालूम हो कि शारदा सिन्हा अब इस दुनिया में नहीं हैं। पिछले साल 5 नवंबर को, छठ महापर्व के पहले दिन यानी नहाय-खाय के अवसर पर ही उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। लेकिन उनकी आवाज और भक्ति से भरे गीत आज भी हर दिल में जीवित हैं और उनके सॉन्ग के बिना छठ अधूरा है।

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