शाहरुख खान की ‘बाज़ीगर’ ने बदली अनु मलिक की किस्मत, फिर ऐसे शुरु हुआ करियर

Anu Malik Birthday: अनु मलिक ने चार दशक से ज्यादा समय तक बॉलीवुड में अपनी धुनों से जादू बिखेरा। शुरुआती संघर्ष के बाद 1993 में शाहरुख खान की फिल्म ‘बाज़ीगर’ ने उनकी किस्मत बदल दी।
शाहरुख खान की ‘बाज़ीगर’ ने बदली अनु मलिक की किस्मत, फिर ऐसे शुरु हुआ करियर
अनु मलिक (फोटो- सोशल मीडिया)
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Anu Malik Birthday Special Story: बॉलीवुड के दिग्गज सिंगर और म्यूजिक कंपोजर अनु मलिक आज अपना 65वां जन्मदिन मना रहे हैं। चार दशक से अधिक समय से हिंदी सिनेमा में अपनी धुनों का जादू बिखेरने वाले अनु मलिक ने कई यादगार गाने दिए हैं, जो आज भी दर्शकों की जुबान पर हैं। आज वह संगीत जगत के ‘किंग’ कहे जाते हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया है।

अनु मलिक का जन्म एक संगीत परिवार में हुआ था। उनके पिता सरदार मलिक खुद एक जाने-माने संगीतकार थे, जिन्होंने अनु को बचपन से ही संगीत की शिक्षा दी। संगीत उनके खून में था, लेकिन बॉलीवुड में पैर जमाना आसान नहीं था। शुरुआती दौर में उन्हें कई रिजेक्शन झेलने पड़े। अनु मलिक ने अपने करियर की शुरुआत साल 1977 में फिल्म ‘हंटरवाली 77’ से की थी। इसके बाद उन्होंने पूनम (1981) और आपस की बात (1981) जैसी फिल्मों में संगीत दिया, लेकिन पहचान उन्हें ‘सोहनी महिवाल’ (1984) से मिलने लगी।

‘बाज़ीगर’ ने बना दिया सुपरस्टार

हालांकि, असली सफलता उन्हें साल 1993 में मिली, जब उनकी किस्मत शाहरुख खान के साथ चमकी। साल 1993 अनु मलिक के करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। महेश भट्ट की ‘फिर तेरी कहानी याद आई’ और ‘सर’ के गाने हिट हुए, लेकिन ‘बाज़ीगर’ ने उन्हें म्यूजिक का सुपरस्टार बना दिया। शाहरुख खान स्टारर इस फिल्म के हर गाने ने रिकॉर्ड तोड़ दिए, ये काली काली आंखें और बाज़ीगर ओ बाज़ीगर आज भी फैंस के फेवरेट हैं।

विवादों से भी जुड़ा नाम

इस फिल्म के लिए अनु मलिक को पहला फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने ‘बॉर्डर’, ‘रिफ्यूजी’, ‘एलओसी कारगिल’, ‘अक्स’, ‘फिजा’ और ‘मैं हूं ना’ जैसी फिल्मों में यादगार संगीत दिया। सफलता के साथ-साथ अनु मलिक विवादों में भी घिरे। उन पर कई बार धुन चुराने के आरोप लगे और मीटू मूवमेंट के दौरान यौन शोषण के आरोपों का सामना करना पड़ा। बावजूद इसके, उन्होंने संगीत बनाना नहीं छोड़ा और लगातार हिट गाने देते रहे।

पुलिस अधिकारी बनना चाहते थे अनु मलिक

कम ही लोग जानते हैं कि अनु मलिक कभी पुलिस अधिकारी बनना चाहते थे। उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी की थी, लेकिन किस्मत ने उन्हें संगीत की राह पर ला दिया। उन्होंने अपने करियर में 500 से ज्यादा गानों को कंपोज किया और दो बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीतने के साथ ‘रिफ्यूजी’ के लिए नेशनल अवॉर्ड भी हासिल किया। आज अनु मलिक संगीत की उस पीढ़ी का हिस्सा हैं जिसने 90 के दशक के बॉलीवुड को नई पहचान दी। उनकी धुनें आज भी हर संगीत प्रेमी के दिल में बसी हैं।

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