
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, हंसराज रघुवंशी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Hansraj Raghuvanshi Meet Dhirendra Krishna Shastri: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार यानी 7 नवबंर को ‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा 2025’ की शुरुआत कर दी है। इस यात्रा का उद्देश्य पूरे देश में सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करना और हिंदुओं में एकता का संदेश देना है। यात्रा की शुरुआत दिल्ली के छत्तरपुर स्थित कात्यायनी मंदिर में मां दुर्गा का आशीर्वाद लेकर की गई।
इस पदयात्रा की खास बात यह रही कि इसमें उत्तराखंड के मशहूर भजन गायक बाबा हंसराज रघुवंशी भी शामिल हुए। उन्होंने बागेश्वर धाम सरकार से मुलाकात की और सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा कीं। फोटो में हंसराज रघुवंशी, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के चरणों में बैठे हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, “जय श्री राम, सनातन हिंदू एकता पदयात्रा।” इन तस्वीरों को बागेश्वर धाम के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी साझा किया गया है।
आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने इस यात्रा का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए कहा था कि यह यात्रा जातिवाद और समाज में बढ़ते भेदभाव को समाप्त करने के लिए निकाली जा रही है। उन्होंने कहा, “जो भी हिंदू धर्म और वंदे मातरम से समस्या रखते हैं, वे लाहौर जा सकते हैं।” उनकी यह टिप्पणी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है।
यह यात्रा दिल्ली से शुरू होकर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अंत में वृंदावन तक पहुंचेगी। यह 16 नवंबर 2025 तक चलेगी। यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु भगवा झंडे लिए, भजन गाते और “जय श्री राम” के नारे लगाते हुए शामिल होते दिखाई दे रहे हैं। कई श्रद्धालु राधा-कृष्ण की प्रतिमाएं लेकर चल रहे हैं।
यात्रा के बढ़ते जनसमूह को देखते हुए गुरुग्राम और फरीदाबाद पुलिस ने कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू कर दिया है। कमर्शियल वाहनों की आवाजाही कुछ समय के लिए प्रतिबंधित कर दी गई है ताकि यात्रा में शामिल भक्तों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
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अब यात्रा का अगला पड़ाव हरियाणा के फरीदाबाद में होगा, जहां बाबा बागेश्वर मांगर चुंगी बॉर्डर से यात्रा शुरू करेंगे और गुरुग्राम रोड होते हुए एनआईटी फरीदाबाद में विश्राम करेंगे। यह पदयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनी है, बल्कि यह हिंदू एकता और सनातन संस्कृति के प्रसार की एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है।






