OTT की क्वीन बनने से पहले राधिका आप्टे का छलका दर्द, साउथ फिल्मों में झेले सबसे मुश्किल पल

Radhika Apte Interview: ओटीटी क्वीन राधिका आप्टे ने अपने संघर्ष के दिनों को याद किया है। साउथ फिल्मों में काम के दौरान पैसों की मजबूरी, असहज रोल और सेट पर अकेलेपन का दर्द उन्होंने खुलकर बयां किया।
Radhika Apte
राधिका आप्टे (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Radhika Apte South Film Experience: आज राधिका आप्टे ओटीटी की दुनिया का बड़ा नाम बन चुकी हैं। फिल्मों से लेकर वेब सीरीज तक, अपनी दमदार अदाकारी से उन्होंने एक अलग पहचान और तगड़ी फैन-फॉलोइंग बनाई है। लेकिन यह सफलता उन्हें आसानी से नहीं मिली। ओटीटी क्वीन बनने से पहले राधिका को कई ऐसे दौर देखने पड़े, जहां उन्हें पैसों की जरूरत के चलते ऐसे रोल भी करने पड़े, जिनमें वह खुद को सहज महसूस नहीं करती थीं।

राधिका आप्टे ने सिर्फ हिंदी ही नहीं, बल्कि बंगाली, तमिल, तेलुगु और कन्नड़ फिल्मों में भी काम किया है। हालांकि, उनका सबसे खराब अनुभव साउथ फिल्म इंडस्ट्री में रहा। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में अभिनेत्री ने उन दिनों को याद करते हुए सेट के माहौल और अपने संघर्ष के बारे में खुलकर बात की।

राधिका आप्टे ने पैसों की मजबूरी में किया काम

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में राधिका ने बताया कि उन्होंने कुछ साउथ इंडियन फिल्में सिर्फ इसलिए कीं क्योंकि उन्हें उस वक्त पैसों की सख्त जरूरत थी। उन्होंने साफ कहा कि साउथ इंडिया में बहुत अच्छा सिनेमा बनता है और वह सभी फिल्मों को एक नजर से नहीं देखतीं। लेकिन कुछ प्रोजेक्ट्स ऐसे थे, जिनमें काम करना उनके लिए बेहद मुश्किल साबित हुआ। राधिका आप्टे ने एक शूटिंग का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह एक छोटे शहर में फिल्म की शूटिंग कर रही थीं, जहां सेट पर वह अकेली महिला थीं। पूरी टीम पुरुषों से भरी हुई थी और उनके पास न तो कोई मैनेजर था, न एजेंट। इसी दौरान उनसे बार-बार हिप्स और ब्रेस्ट पर ज्यादा पैडिंग लगाने को कहा गया।

शेयर किया शूटिंग का किस्सा

अभिनेत्री ने बताया कि लोग लगातार कहते थे, “और पैडिंग अम्मा,” जिससे वह अंदर से असहज महसूस करने लगीं। राधिका ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि किसी को कितना “और गोल” बनाया जा सकता है। आखिरकार उन्होंने साफ मना कर दिया और डायरेक्टर से कहने को कहा कि अब कोई पैडिंग नहीं होगी।

राधिका ने माना कि उस पल उन्हें पहली बार अहसास हुआ कि वह कितनी असुरक्षित स्थिति में हैं। सबसे हैरानी की बात यह थी कि उन्हें शूटिंग के दौरान अपनी पर्सनल टीम रखने की भी इजाजत नहीं थी। यह अनुभव उनके लिए मानसिक रूप से काफी भारी था।

आज वही राधिका आप्टे अपनी शर्तों पर काम कर रही हैं और मजबूत किरदारों के लिए जानी जाती हैं। उनका यह खुलासा बताता है कि ग्लैमर की दुनिया के पीछे कितनी कड़वी सच्चाइयां छिपी होती हैं और सफलता के पीछे कितना संघर्ष होता है।

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