विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत, बोलीं- सदन में हंगामा करने वाले बिगड़े हुए शहजादे

Kangana Ranaut Advice to Opposition: कंगना रनौत ने लोकसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन हुए हंगामे पर विपक्ष को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने विपक्षी सांसदों के व्यवहार को शर्मनाक और जनता के साथ धोखा बताया।
विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत, बोलीं- सदन में हंगामा करने वाले बिगड़े हुए शहजादे
विपक्ष पर बरसीं कंगना रनौत
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Kangana Ranaut Slams opposition: मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा में हुए हंगामे पर बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने विपक्षी सांसदों के व्यवहार को शर्मनाक और जनता के साथ धोखा बताया। कंगना रनौत ने कहा कि सत्र का आखिरी दिन था। अध्यक्ष ने भी साफ कहा कि सत्र वैसा नहीं गया जैसा अपेक्षित था।

कंगना रनौत ने कहा कि हमें सत्ता पक्ष को करीब 120 घंटे की चर्चा करनी थी, कई अहम विषयों पर बात होनी थी, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। बहुत ही कम सवालों के जवाब दिए जा सके। विपक्ष का यह रवैया सीधे-सीधे जनता और देश का नुकसान करता है। विपक्ष बार-बार चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाता है। इस पर कंगना ने कहा कि ये लोग कहते हैं कि वोट फर्जी होते हैं या गड़बड़ी होती है। लेकिन ईवीएम और एसआईआर प्रक्रिया पहले की सरकारों में भी मौजूद थी।

कंगना रनौत ने कही ये बात

कंगना रनौत ने बताया कि अब कोशिश सिर्फ इसे सेनेटाइज करने की है ताकि घुसपैठियों, फेक वोटर्स और डबल वोटर्स की पहचान की जा सके। अगर यह उचित कार्य हो रहा है तो इसमें जलन क्यों? इनको तो सहयोग करना चाहिए। लेकिन विपक्ष उल्टा हंगामा कर रहा है, बेतुकी बातें कर रहा है और सॉरी तक नहीं बोल रहा। मैं तो कहूंगी कि ये बिगड़े हुए शहजादे हैं।

कंगना रनौत ने की कड़ी प्रतिक्रिया

बुधवार को लोकसभा में एक शर्मनाक घटना देखने को मिली थी, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर विपक्षी सांसदों की ओर से कागज के गोले फेंके गए। इस पर कंगना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जब गृहमंत्री विधेयक पेश कर रहे थे, तब उनका माइक हटाने की कोशिश की गई। यहां तक कि विधेयक को फाड़कर उनके मुंह पर फेंका गया।

कंगना रनौत ने दी विपक्ष को नसीहत

कंगना रनौत ने आगे बताया कि यह किसी भी सभ्य समाज के लिए बेहद शर्मनाक है। संसद में कब तक ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, यह सबसे बड़ा सवाल है। कंगना रनौत ने विपक्ष को नसीहत देते हुए कहा कि लोकतंत्र संवाद से मजबूत होता है, न कि अव्यवस्था से। उन्होंने अपील की कि विपक्ष अपनी जिम्मेदारी समझे और बहस व चर्चा के जरिए जनता की आवाज उठाए, न कि हंगामे और नारेबाजी से।

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