दीपिका पादुकोण ने वर्किंग आवर्स डिबेट पर रखी अपनी राय, बोलीं- अपनी लड़ाइयां मैं चुपचाप से लड़ती हूं

Deepika Padukone on Working Hours Debate: वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर दीपिका पादुकोण ने अपने फाउंडेशन ‘लिव लव लाफ’ के 10 साल पूरे होने पर मध्य प्रदेश में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
दीपिका पादुकोण ने वर्किंग आवर्स डिबेट पर रखी अपनी राय, बोलीं- अपनी लड़ाइयां मैं चुपचाप से लड़ती हूं
दीपिका पादुकोण ने वर्किंग आवर्स डिबेट पर रखी अपनी राय
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Deepika Padukone opinion on Working Hours: बॉलीवुड की सुपरस्टार और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने वाली प्रमुख आवाज दीपिका पादुकोण ने वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे के मौके पर मध्य प्रदेश का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अपने फाउंडेशन 'लिव लव लाफ' के 10 साल पूरे होने का खास जश्न मनाया। दीपिका ने इस इवेंट में अपने सफर, संघर्ष और फाउंडेशन के अब तक के प्रभाव पर खुलकर बातचीत की।

दीपिका का फाउंडेशन पिछले एक दशक से देशभर में मेंटल हेल्थ अवेयरनेस, काउंसलिंग सपोर्ट, और मानसिक बीमारियों से जुड़े कलंक को खत्म करने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह सफर आसान नहीं था, लेकिन हर कदम पर उन्हें यह महसूस हुआ कि समाज को मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर जागरूक करना कितना जरूरी है।

दीपिका चुपचाप लड़ती हैं अपनी लड़ाइयां

कार्यक्रम के दौरान जब दीपिका से सवाल पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी ऐसा महसूस किया कि सही बात के लिए आवाज उठाने की कोई कीमत चुकानी पड़ी, तो उन्होंने बहुत ईमानदारी से जवाब दिया। एक्ट्रेस ने कहा कि मैंने ये कई लेवल्स पर किया है। मेरे लिए ये कोई नई बात नहीं है। पैमेंट जैसी चीजों में भी मुझे जो कुछ मिला, उससे निपटना पड़ा। मुझे नहीं पता इसे क्या कहूं, लेकिन मैं हमेशा अपनी लड़ाइयां चुपचाप लड़ती हूं। कभी-कभी ये बातें सार्वजनिक हो जाती हैं, जो मेरे तरीके का हिस्सा नहीं है। लेकिन हां, अपनी लड़ाइयां गरिमा और सादगी से लड़ना ही मेरा तरीका है।

दीपिका पादुकोण ने की इन मुद्दों पर बात

दीपिका ने यह भी कहा कि इंडस्ट्री में बराबरी, इंसाफ और सम्मान के मुद्दों पर बातचीत जरूरी है, लेकिन इसे गरिमा के साथ आगे बढ़ाना और अपनी सीमाओं का सम्मान करना भी उतना ही अहम है। दीपिका ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को लेकर उनका उद्देश्य सिर्फ जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि लोगों को खुद के प्रति संवेदनशील और दयालु बनाना है। आज भी कई लोग मानसिक समस्याओं को कमजोरी समझते हैं, जबकि यह एक आम इंसानी अनुभव है जिसे समझने और स्वीकारने की जरूरत है।

डिप्रेशन में चली गई थी दीपिका पादुकोण

दीपिका ने आगे कहा कि मेरे लिए ताकत का मतलब ऊंची आवाज में बोलना नहीं है। असली ताकत तब दिखती है जब आप खामोशी में भी मजबूती से खड़े रहते हैं और सादगी से अपनी बात रखते हैं। दीपिका पादुकोण ने 2015 में खुले तौर पर डिप्रेशन से अपनी जंग का खुलासा किया था, जिसके बाद उन्होंने Live Love Laugh की शुरुआत की। तब से वह लगातार मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवाज उठा रही हैं और हजारों लोगों को उम्मीद और प्रेरणा दे रही हैं।

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